भूमाफिया से छुड़ाकर कुर्क की गई जमीनों की रजिस्ट्री के मामले में निबंधन विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। ऐसे जमीनों की रजिस्ट्री कराने के लिए विभाग पहुंच रहे खरीदारों को सतर्क किया जा रहा है ताकि उनका नुकसान न हो।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की ओर से पूर्व में ही कटहुआ गौसपुर में कुर्क की गई 5.510 हेक्टेयर जमीन शासन से मांगी जा चुकी है। इसके लिए पीडीए उपाध्यक्ष ऋषि राज की ओर से शासन को पत्र भेजा गया था लेकिन अभी मंजूरी नहीं मिली है। पीडीए ने एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित नई टाउनशिप एयरोसिटी के लिए यह जमीन शासन से मांगी है।
प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) ने उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अतीक अहमद व अन्य में 16 जुलाई 2024 को कुर्क संपत्तियों को राज्य में निहित कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक जमीन कुर्क होने के बाद भी भूमाफिया सक्रिय हैं और लोगों को गलत जानकारी देकर जमीन बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, निबंधन विभाग के पास जमीन का पूरा ब्यौरा दर्ज है। ऐसे में कुर्क की जा चुकी जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए जो भी क्रेता निबंधन विभाग पहुंच रहे हैं, उन्हें आगाह किया जा रहा है कि जमीन विवादित है और इसकी रजिस्ट्री न कराएं।
एआईजी स्टांप राकेश चंद्रा का कहना है कि आम लोगों के साथ धोखाधड़ी न हो, इसलिए निबंधन विभाग लोगों को जमीन के बारे में पूरी जानकारी दे रहा है।