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Prayagraj : भूमाफिया ने बेच दी गैंगस्टर एक्ट में कुर्क जमीन, सोते रहे चार थानेदार, अतीक के साढू़ पर केस दर्ज

Mon, 30 Jun 2025 07:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

करेली में गैंगस्टर एक्ट में कुर्क की गई जमीन को बेचने के मामले में चार पूर्व थानेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले में थानेदारों की भूमिका की भी जांच होगी कि आखिर चार साल तक अलग-अलग अवधि में तैनात रहे थानेदारों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
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Fir demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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करेली में गैंगस्टर एक्ट में कुर्क की गई जमीन को बेचने के मामले में चार पूर्व थानेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले में थानेदारों की भूमिका की भी जांच होगी कि आखिर चार साल तक अलग-अलग अवधि में तैनात रहे थानेदारों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।

करेली के ऐनुद्दीनपुर में गैंगस्टर एक्ट में कुर्क जो जमीन बेची गई, उसके संंबंध में दो दिन पहले अतीक के साढू़ व उसके दो भाइयों तथा अन्य पर केस दर्ज हुआ है। इससे पहले मार्च 2021 में ही उक्त संपत्ति को कुर्क करने का आदेश तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट की ओर से दिया गया था। साथ ही कुर्क संपत्ति का प्रशासक करेली थाना प्रभारी को नियुक्त किया गया था। करेली थाने में मार्च 2021 से अब तक चार थानेदार तैनात रह चुके हैं, लेकिन किसी ने भी न तो संपत्ति पर नजर रखी और न ही सरकारी रिकॉर्ड का मिलान किया।

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पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच के दायरे में उक्त चाराें थानेदार होंगे। पता लगाया जाएगा कि क्या उन्होंने जानबूझकर इस खेल को नजरअंदाज किया। जांच के क्रम में संबंधित चौकी प्रभारियों व बीट कांस्टेबलों से भी पूछताछ की जाएगी। इस मामले में करेली थानाध्यक्ष आशीष सिंह ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले ही कार्यभार ग्रहण किया है। इस बारे में जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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एक आरोपी से छीने गए गनर

मुकदमा दर्ज करने के साथ ही मुकदमे के आरोपी जीशान पर एक और कार्रवाई हुई है। उसके गनर छीन लिए गए हैं। दरअसल उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसे सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। उसने अली और अतीक अहमद पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा लिखाया था। उमेशपाल हत्याकांड के बाद उसने अपनी जान को खतरा बताया था।

कई अन्य साजिश में शामिल

पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में भले ही 13 लोग नामजद हुए हों लेकिन साजिश में कई अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका है। ऐसे में यह भी तय माना जा रहा है कि इस मामले की विवेचना आगे बढ़ने पर आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।

इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जांच के क्रम में साक्ष्य एकत्र करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में जिन लोगों की भी संलिप्तता सामने आएगी, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। - राजकुमार मीना, एसीपी अतरसुइया

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