देश आजाद होने के दौरान हुए बंटवारे में जिले में काफी संख्या में जमींदार अपनी संपत्ति छोड़कर पाकिस्तान चल गए। उन लोगों के जाने के बाद बड़ी संख्या में भूमाफिया ने उनकी जमीन पर कब्जा किया। इसी के बाद वर्ष 1967 में शत्रु संपत्ति अधिनियम बना।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रशासन की ओर सेे सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए अभियान शुरू किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रयागराज में 500 बीघा शत्रु संपत्ति पर भू मफियाओं का कब्जा है। मऊआउमा टाउन एरिया में कई वर्ष पूर्व शुत्र संपत्ति के दस्तावेज जला दिए जाने के बाद अब वर्षों पुराने अभिलेखों के आधार पर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
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दरअसल देश आजाद होने के दौरान हुए बंटवारे में जिले में काफी संख्या में जमींदार अपनी संपत्ति छोड़कर पाकिस्तान चल गए। उन लोगों के जाने के बाद बड़ी संख्या में भूमाफिया ने उनकी जमीन पर कब्जा किया। इसी के बाद वर्ष 1967 में शत्रु संपत्ति अधिनियम बना। प्रदेश सरकार को ऐसी जमीनों का संरक्षक बनाया गया। वर्ष 1983 में मऊआइमा में हुए दंगे के दौरान शत्रु संपत्ति से जुड़े तमाम दस्तावेज जला दिए गए।
बताया जा रहा है कि तत्कालीन राजस्व कर्मियों की मिली भगत से करोड़ों रुपये की 35 बीघा जमीन पर लोगों ने अपने दर्ज करवा लिए। इस बीच सीएम योगी ने शत्रु संपत्ति अभियान चलाए जाने संबंधी निर्देश दिया तो प्रयागराज के डीएम संजय कुमार खत्री ने लेखपालों को इसकी जानकारी जुटाने का निर्देश दिया।
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यहां जांच के दौरान मालूम चला कि लगभग 35 बीघा जमीन भूमाफिया ने कब्जा कर ली है। जिले की अन्य तहसीलों में भी इसकी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि सभी आठ तहसीलों में 500 बीघा से अधिक जमीन पर कब्जा किया जा चुका है। इस बारे में डीएम का कहना है कि सभी तहसीलों से शत्रु संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है। रिपोर्ट मिलते ही जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।