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लल्लूजी एंड संस ने खुद को बताया बेदाग, मेला प्रशासन पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर कार्रवाई का आरोप

Mon, 07 Dec 2020 01:55 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : लल्लू जी एंड संस - फोटो : prayagraj
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कुंभ-2019 में तंबुओं की नगरी बसाने में 109 करोड़ रुपये के गलत बिल लगाने के आरोप में केस दर्ज कराए जाने के बाद रविवार को टेंट सुविधा प्रदाता कंपनी लल्लू जी एंड संस ने खुद को बेदाग बताया। फर्म के लेखा प्रबंधक अभय मालवीय ने कहा कि मेला प्रशासन चाहे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट से जांच कराए या फिर किसी और एजेंसी से, उसकी ओर से कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। साथ ही कुंभ मेला प्रशासन पर बदले की भावना से एफआईआर कर ब्लैक लिस्ट करने का आरोप लगाया है।
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लल्लू जी एंड संस की ओर से कहा गया है कि कुंभ मेला होने के डेढ़ वर्ष बाद तक उनके गलत बिल और फर्जी कार्य के बारे में कोई नोटिस नहीं दिया गया। लेकिन, जब भुगतान के लिए कंपनी की ओर से आरबीट्रेशन वाद हाईकोर्ट में दायर किया गया, तब मेला प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराकर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई कर दी। कंपनी के प्रबंधक विश्वनाथ मिश्र ने अमर उजाला को बताया कि कुंभ मेला होने के बाद मेला प्रशासन की ओर धमकी दी जाने लगी थी कि वह अपनी दरों में संशोधन कर लें। अन्यथा बिलों में 40 प्रतिशत की कटौती कर ली जाएगी। इससे पहले दो मार्च 2019 को प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में दरों में संशोधन के लिए बुलाया गया था।

इस पर कंपनी ने कहा था कि दरें निर्धारित होने के बाद ही अनुबंध किया गया था। ऐसे में दरों में मेला के बाद किसी तरह के संशोधन का औचित्य नहीं बनता। कंपनी के सलाहकार ने बताया कि कुंभ मेला प्रशासन के अलावा स्वास्थ्य विभाग, माघ मेला के अलावा कई आयोजनों के करोड़ों रुपये के भुगतान अभी लंबित हैं। इस मामले में अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद की ओर से शुक्रवार को लल्लू जी एंड संस समेत 11 साझीदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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  • मेला प्रशासन के कर्मचारियों के हस्ताक्षर से फर्जी पत्र और कार्यादेश के बिना बिल तैयार कराए गए हैं। इसलिए कि उस पत्रांक संख्या से कोई भी कार्यादेश मेला कार्यालय में अंकित नहीं है। सत्यापन के लिए जब इस फर्म के मालिक और साझीदारों को बुलाया गया, तब इन्होंने कोई सहयोग भी नहीं किया। अपनी बातों को साबित करने के लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज कोर्ट में भी दाखिल कर दिए हैं। मजबूर होकर कार्रवाई का निर्णय लेना पड़ा। अब पांच साल तक लल्लूजी एंड संस को किसी भी माघ मेला या कुंभ में काम नहीं दिया जा सकता। विजय किरण आनंद, कुंभ मेलाधिकारी।
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