मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे लालजी टंडन के निधन पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने भी उन्हें याद किया। हालांकि इसके लिए कोई सभा या कार्यक्रम नहीं हुआ, बल्कि पीसीएस-2018 के इंटरव्यू में लालजी टंडन से जुड़े कई सवाल पूछे गए। तीन दिन के ब्रेक के बाद मंगलवार से दोबारा शुरू हुए इंटरव्यू में 115 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें 110 अभ्यर्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई और पांच ने इंटरव्यू छोड़ दिया।
इंटरव्यू के दौरान कुछ अभ्यर्थियों से लालजी टंडन के राजनैतिक सफर के बारे में पूछा गया। कुछ अभ्यर्थियों से सवाल किए गए कि लालजी टंडन कहां-कहां राज्यपाल रहे? वह कितनी बार सांसद या विधायक रहे? कुछ अभ्यर्थियों से गेस्टहाउस कांड के बारे में भी पूछा गया। हालांकि, मंगलवार को भी इंटरव्यू में कोरोना से जुड़े सवाल छाए रहे। इंटरव्यू के पहले दिन से ही ज्यादातर अभ्यर्थियों ने एक सवाल जरूर पूछा जा रहा है कि कोरोना को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।
इसके अलावा कुछ अभ्यर्थियों का इंटरव्यू उनके विषय पर ही केंद्रित हो गया और इंटरव्यू बोर्ड ने यह परखने की कोशिश की कि अभ्यर्थी को अपने विषय के बारे में कितना मालूम है। बहुत से अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाकर पहुंच रहे हैं, लेकिन ऐसे अभ्यर्थियों को भी बोर्ड के कठिन सवालों से जूझना पड़ रहा है।
कुछ अभ्यर्थियों से उनके जिलों के इतिहास और भूगोल के बारे में ही सवाल पूछ लिए गए। इंटरव्यू के दौरान प्रदेश में महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं के बारे में भी काफी सवाल पूछे जा रहे हैं। अभ्यर्थियों से पूछा गया कि महिला विश्वविद्यालय के लिए क्या योजनाएं हैं? दिव्यांगजनों के लिए प्रदेश में कौन सी महत्वपूर्ण योजनाएं हैं?