सड़क पर उतरीं महिलाएं, कलेक्ट्रेट पर भरी हुंकार
विधवा पेंशन की धनराशि बढ़ाने, बेरोजगारी भत्ता देने और महिला कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी तय करने समेत कई मुद्दों को लेकर मंगलवार को महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। सात ही चेताया गया कि अगर उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन की प्रति एसीएम प्रथम को दी गई।
महिला जागरण मंच के बैनर तले महिलाओं ने बालसन चौराहे पर गांधी प्रतिमा को नमन कर दिन के 12 बजे पदयात्रा निकाली। हाथों में झंडे, तख्तियां लेकर जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करती हुई सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आनंद भवन, कटरा से होकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंची।वहां प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन एसीएम को दिया गया। महिला जागरण मंच की अध्यक्ष गायत्री पटेल ने कहा कि महिलाओं के साथ खुलकर भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना था कि जिस तरह बेटियों की पढ़ाई के लिए अलग स्कूल खोले जा रहे हैं, उसी तरह बहुओं के लिए महिला औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जानी चाहिए।
ताकि महिलाएं आत्म निर्भर हो सकें। इस दौरान विधवा पेंशन की धनराशि बढाकर पांच हजार रुपये प्रतिमाह करने, महिलाओं को दो हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने, महिला औद्योगिक क्षेत्र का गठन करने और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी तय करने की बात प्रमुखता से उठाई गई। इस मौके पर कुसुम गुप्ता, शिवानी यादव, उमा यादव, रेनु, फूला देवी, श्यामा मौर्या, कुसुम लता, सोनी यादव, रेखा, आशा समेत तमाम महिलाएं उपस्थित थीं।