लॉक डाउन की वजह से थोक और फुटकर मेडिकल स्टोर पर सर्जिकल उपकरणों की कमी हो गई है। इसमें एग्जामिनेशन ग्लव्स, डायलिसिस फ्लूड, भाप देने वाली मशीन जैसे उपकरण शामिल हैं। कारोबारियों का कहना है कि अगर सप्ताह भर तक समस्या ना सुलझी और कोरोना के संदिग्ध बढ़ते गए तो परेशानी काफी बढ़ जाएगी।
प्रयागराज में तमाम सर्जिकल उपकरण दिल्ली एवं मुंबई से आते हैं। कारोबारी कहते हैं कि मेडिकल उपकरण ड्रग एक्ट में नहीं आते। इस वजह से ट्रांसपोर्टरों को इसके पास भी नहीं मिल पा रहे हैं। थोड़ा बहुत माल जो लॉकडाउन के पहले आया वह वह या तो खत्म हो गया है या खत्म होने की कगार पर कुछ दुकानों में है। अगर यही हालत रही तो सप्ताह भर में मेडिकल उपकरणों की सप्लाई भी पूरी तरह से बंद हो जाएगी। सर्जिकल उपकरण के फुटकर कारोबारी गोपाल जी मालवीय ने बताया इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत एग्जामिनेशन ग्लब्स, डायबिटीज जांचने की किट, कोविड-19 डिटेक्शन किट, डिस्पोजल नी कवर, थर्मामीटर, डिस्पोजल कैप, डिस्पोजल गाउन, डिस्पोजल थ्री प्लाई फेस मास्क, नी बैंड आदि की है। कुछ थोक कारोबारियों के यहां इसमें से तमाम उपकरण अब सीमित संख्या में ही रह गए हैं।
प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री लालू मितल ने बताया की प्रयागराज से ही कौशांबी, प्रतापगढ़, चित्रकूट आदि जिलों के लिए भी सर्जिकल उपकरण जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से माल ना आने की वजह से बाहरी जिलों की सप्लाई प्रभावित हो गई है। शहर की भी तमाम दुकानों से सर्जिकल उपकरण तकरीबन खत्म हो चुके हैं। व्यापारी कंपनियों को आर्डर कर रहे हैं लेकिन, दिल्ली मुंबई आदि से माल नहीं आ पा रहा है। जबकि शहर में जिस तरह से कोरोना संदिग्ध मरीज सामने आए हैं, उससे सर्जिकल उपकरणों की खपत ज्यादा हो गई है।
आम लोगों के ग्लब्स इस्तेमाल से भी बड़ी समस्या: शहर में आम लोगों द्वारा भी एग्जामिनेशन ग्लब्स के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से भी इसकी किल्लत हुई है। इस बीच डायबिटीज के मरीजों को इंसुलिन मिलने में भी समस्या आ रही है। जीरो रोड स्थित संगीता मेडिकल के संचेत गोयल ने बताया कि आपूर्ति बंद होने से कुछ जरूरी दवाओं की किल्लत बढ़ गई है। डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली इंसुलिन भी बाजार में कम आ रही है। पेरासिटामोल की खपत भी बढ़ी है। सर्दी जुकाम की दवाओं के साथ और कफ सिरप की भी मांग बढ़ी है।