एक से दस नंबर जाने के लिए तकरीबन एक किमी का तय करना पड़ता है सफर
किसी यात्री को अगर सिटी साइड के प्लेटफार्म नंबर एक से नौ-दस पर जाना है तो पहले उसे तकरीबन एक किमी का सफर तय करना होता है। सिटी साइड से पहले प्लेटफार्म नंबर एक के हावड़ा छोर पर जाना होगा। उसके बाद वहां से एफओबी पर चढ़कर सिविल लाइंस साइड छोर पर जाना होगा। वहीं अगर संबंधित यात्री की ट्रेन का कोच हावड़ा छोर पर है तो उसे फिर तकरीबन आधा किमी का सफर तय करना होता है।
पांच नंबर के बाद सीधे सात नंबर प्लेटफार्म
इसी तरह यहां प्लेटफार्म के नंबर एक से पांच तक सही है, लेकिन उसके बाद छह की जगह सात नंबर आ जाता है। इस वजह यात्री छह नंबर की बजाय अमूमन सात नंबर पर पहुंच जाते हैं, जबकि छह नंबर प्लेटफार्म सिविल लाइंस साइड में दिल्ली छोर पर है। यह असमजंस की स्थिति आगे भी रह सकती है। क्योंकि जंक्शन के पुनर्विकास में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी यहां सभी प्लेटफार्म एक दूसरे के समानांतर नहीं रहेंगे।
मंडल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति डीआरयूसीसी सदस्य पवन श्रीवास्तव का कहना है अभी सिविल लाइंस साइड में जगह काफी है। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह सभी प्लेटफार्म एक दूसरे के समानांतर बनाए। वैसे भी प्रयागराज जंक्शन के पुनर्विकास का बजट तकरीबन 950 करोड़ रुपये है। इतनी भारी भरकम रकम में यह काम आसानी से हो सकता है।