Kumbha's arrears, contractors refuse to work in Magh Mela
प्रयागराज। गंगा-यमुना में आई बाढ़ से पिछड़े माघ मेला के कार्यों में अब विभिन्न विभागों के ठेकेदारों ने पेच फंसा दिया है। कुंभ में किए गए कार्यों का बकाया भुगतान होने तक ठेकेदार माघ मेला के बहिष्कार के निर्णय पर अडिग हैं। तीन बार टेंडर जारी होने के बाद भी स्थिति जस की तस है। एक भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला। बुधवार को ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर दो टूक कहा, पहले कुंभ का भुगतान कराएं, फिर माघ मेला का काम करेंगे। ऐसी स्थिति में माघ मेला की तैयारियां और पिछड़ जाने के आसार हैं।
कुंभ मेला में टेंट, फर्नीचर, जल निगम समेत विभिन्न विभागों के काम कराने वाले ठेकेदार के मुताबिक वे भुगतान के लिए भटक रहे हैं। कई बार संबंधित विभागों के मुखिया से मुलाकात कर भुगतान कराने को ज्ञापन दिया। कई प्रयास के बाद भी बात नहीं बनी तो विभागवार बिखरे ठेकेदारों ने एकजुटता दिखाई। जानकारी के मुताबिक ठेकेदारों ने कुंभ का बकाया भुगतान होने तक माघ मेला के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में शामिल न होने का निर्णय लिया।
प्रशासन की ओर से माघ मेला के लिए सितंबर माह में तीन बार टेंडर निकाले गए। सूत्रों के मुताबिक तीनों बार ठेकेदारों ने खुद को टेंडर से दूर रखा जबकि दस अक्तूबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जानी थी। चर्चा रही कि सर्वाधिक बकाया टेंट और फर्नीचर करने वाली संस्था का बकाया है। अन्य विभागों में काम करने वाले ठेकेदार काम करने के करीब आठ महीने बाद भी भुगतान को भटक रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बुधवार को जिलाधिकारी से मिले ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने कुंभ की बकाया राशि के भुगतान के बिना माघ मेला का काम करने में असमर्थता जताई है। इस संबंध में हुई बैठक भी बेनतीजा रही।