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मेले में जमीन तो मिली पर सुविधाएं नदारद

Wed, 14 Dec 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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माघ मेला शुरू होने में एक माह से भी कम समय रह गया है। दंडी बाड़ा, आचार्य बाड़ा के बाद मंगलवार को मेला प्रशासन ने 162 संस्थाओं को जमीन आवंटित कर दी, लेकिन मेला क्षेत्र में सड़कें, बिजली के खंभे, पानी का कनेक्शन न होने के कारण संस्थाएं वहां शिविर लगाने को तैयार नहीं हैं। मेले की व्यवस्था ध्वस्त है। विभागों को लगातार चेतावनी मिल रही है, लेकिन इसका भी कोई असर नहीं दिख रहा।
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इस बार कटान के कारण 80 फीसदी मेला झूंसी की ओर बसाया जाएगा। झूंसी तक निर्माण सामग्री ले जाने के लिए विभागों को पांटून पुल की जरूरत थी। पीडब्लयूडी ने पुल बनाने के लिए पहले 25 नवंबर और फिर तीन दिसंबर तक का समय मांगा। दो बार समय सीमा में फेरबदल होने के बाद मंगलवार को महावीर मार्ग के पांटून पुल पर आवागमन शुरू हो सका। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी, कमिश्नर राजन शुक्ला और डीएम संजय कुमार ने विधि विधान से गंगा पूजन कर महावीर पांटून पुल का शुभारंभ किया। यह पांटून पुल जनसामान्य और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं मेला की तैयारियों में तेजी लाने के लिए खुल गया है।

प्रशासन ने जिन संस्थाओं को जमीन आवंटित की है, उन्हें शिविर आदि लगाने के लिए सुविधा पर्ची भी जारी कर दी है लेकिन संस्थाएं सुविधा पर्ची लेने को तैयार नहीं हैं। अगर संस्थाएं पर्ची से टेंट आदि प्राप्त भी कर लेती हैं तो बगैर बिजली-पानी के शिविर लगाने का कोई कोई फायदा नहीं होगा। सड़क, बिजली, पानी के अभाव में सुविधा पर्ची का कोई मतलब नहीं रह गया है। अगर यही हालत रही तो मेला शुरू होने तक बड़ी संख्या में संस्थाएं शिविर लगाने से वंचित रह जाएंगी। उधर, जमीन आवंटन के बाद दंडी बाड़ के कुछ साधु-संतों ने शिविर लगाना शुरू कर दिया है लेकिन उन्हें भी समस्या झेलनी पड़ रही है। पीडब्ल्यूडी ने कुछ स्थानों पर चकर्ड प्लेटें तो बिछा दी हैं, लेकिन गाटा मार्ग तैयार नहीं है। नाली भी नहीं बनी है। बिजली और पानी के कनेक्शन का अतापता नहीं है। साधु-संतों में नाराजगी है।
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प्रमुख स्नान पर्वों पर मिलेगा पर्याप्त जल
 कमिश्नर राजन शुक्ला और डीएम संजय कुमार ने मंगलवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने गंगा जल की उपलब्धता पर कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों पर पर्याप्त जल मिलेगा। पूर्व निर्धारित तिथियों पर नरौरा और टिहरी से जल छोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ने पर कानपुर से भी जल छोड़ा जाएगा। डीएम ने बताया कि माघ सूचना विभाग की ओर से माघ मेले का फेसबुक पेज बनाया जा रहा है, जो 25 सिंबर को लांच किया जाएगा। इस पर स्नान तिथियों समेत मेेले से जुड़ी सभी जानकारियां भी उपलब्ध रहेंगी। मेले से जुडे़ कार्यों पर निगरानी के लिए व्हाट्स एप पर ग्रुप भी बनाया गया है।
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