महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर रविवार को किन्नर अखाडे़ ने एक और विस्तार किया। अखाड़े की ओर से प्रयागराज कुंभपर्व के समापन पर दो महामंडलेश्वरों और दो पीठाधीश्वरों का पट्टाभिषेक किया गया। अखाड़े की रीति नीति के मुताबिक झारखंड की डा. योगेश्वरी योगमाया और दिल्ली की बंटी को महामंडलेश्वर बनाया गया है। इसी क्रम में प्रयागराज की टीना और कटनी की सरपंच दुर्गा मौसी को पीठाधीश्वर बनाया गया।
किन्नर अखाडे़ की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और विस्तार की जरूरत है ताकि अधिक से अधिक लोग सनातन धर्म की खूबियों से जुड़ सकें। किन्नर अखाड़ा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को लेकर प्रतिबद्ध है। सनातन धर्म की परंपरा को नई पीढ़ी तक प्रचारित किया जाएगा। किन्नर आर्ट विलेज में कार्यक्रम में उत्तर भारत की प्रभारी महामंडलेश्वर भवानी मां, कमल मां, पूजा, कामिनी, पायल, वंशिका, पवित्रा, पुष्पा, प्रांजल आदि के अतिरिक्त आचार्य रामसकल मिश्र मौजूद थे। वहीं शाम को विविधतापूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
किन्नर अखाडे़ का अमरत्व स्नान आज
कुंभनगर। किन्नर अखाड़ा कुंभ मेले के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर दिन में एक बजे संगम पर अमरत्व स्नान करेगा। इस दौरान किन्नर अखाडे़ की बऊचरा माता और आराध्य महादेव सबसे पहले स्नान करेंगे। उसके बाद किन्नर अखाडे़ के सभी संत-महात्मा डुबकी लगाएंगे। वहीं पांच मार्च को दारागंज के दशाश्वमेघ घाट से सुबह साढे़ नौ बजे से आभार यात्रा निकाली जाएगी।