कुंभपर्व के छठे और अंतिम स्नानपर्व महाशिवरात्रि पर सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाकर महादेव का जलाभिषेक कर रहे हैं। कुंभ क्षेत्र के विभिन्न शिविरों सहित शिवालयों में भी महारुद्राभिषेक, शिव सहस्रार्चन, शिवस्रोत पाठ चल रहे हैं। भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए मनकामेश्वर, नागवासुकि, तक्षकेश्वर महादेव सहित शहर के अन्य शिव मंदिरों में खास तैयारियां की गईं हैं। दर्शन-पूजन एवं जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ जुटेगी सो मंदिर समितियों की ओर से बैरिकेडिंग करके महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। मंदिरों को बिजली की झालरों से आकर्षक तरीके से सजाया गया है। शिव भजनों से भी शिवालय गुलजार हो रहे हैं।
मुख्य जमावड़ा यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर में लगा है। यहां बैरिकेडिंग के साथ ही सुरक्षा एवं प्रकाश की भी व्यवस्था की गई है। मुख्य व्यवस्थापक श्रीधरानंद ब्रह्मचारी के मुताबिक भोर में पौने चार बजे महाआरती के बाद चार बजे से मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। पूरे दिन दर्शन-पूजन के बाद रात नौ बजे से चार पहर का अभिषेक होगा और यह सिलसिला मंगलवार की सुबह छह बजे तक जारी रहेगा। इससे पहले रात्रि में महादेव का चांदी और सवा कुंतल फूलों से मनोहारी शृंगार किया जाएगा।नागवासुकि के मुख्य पुजारी श्यामधर त्रिपाठी ने बताया कि पूजन दर्शन के अतिरिक्त मंदिर परिसर में महारुद्राभिषेक भी भोर से ही शुरू हो गया है।
प्रदोष काल में इसकी संख्या बढ़ेगी। वहीं तक्षकतीर्थ के पीठाधीश्वर रविशंकर के मुताबिक शृंगार की अवधि को छोड़कर भोर से लेकर पूरी रात तक दर्शन, पूजन एवं अभिषे का क्रम जारी रहेगा। दोनों ही मंदिरों में मध्य रात्रि से महामृत्युंजय जप भी आरंभ होकर भोर तक चलेगा। इसी क्रम में सोमेश्वर महादेव, पड़िला महादेव, शिवकोटि, अखिलेश्वर महादेव, जानसेनगंज स्थित दरवेश्वर महादेव मंदिर, ललिता पीठ में पारदेश्वर महादेव, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर के शिव मंदिर, पानी टंकी शिव मंदिर, हनुमत निकेतन के ज्योतिर्लिंगों सहित मुट्ठीगंज स्थित भोलेगिरि मंदिर, खुल्दाबाद शिवाला, कीडगंज, कटरा, बलुआघाट के शिवमंदिरों में भी जलाभिषेक और महारुद्राभिषेक केअनुष्ठान भोर से लेक रात तक जारी रहेंगे। मंदिर समितियों और समाजसेवी संस्थाओं की ओर से समष्टि भंडारे भी दोपहर बाद से आरंभ होंगे।