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kumbh Mela 2019: पीएम मोदी ने संगम में लगाई डुबकी, सफाई और सुरक्षा कर्मियों को किया सम्मानित

Sun, 24 Feb 2019 03:11 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को प्रयागराज पहुंचे। पीएम वायुसेना के हेलिकॉप्टर से अरैल स्थित डीपीएस हेलीपैड पर उतरे। यहां सीएम योगी ने अगवानी की। इसके बाद डीपीएस हेलीपैड से सड़क मार्ग से संगम पहुंचे। संगम नोज को पूरी तरह सील कर दिया गया था। एसपीजी ने संगम की व्यवस्था अपने हाथ में ले ली थी। यहां पीएम ने पुण्य की डुबकी लगाई। संगम में स्नान के बाद पीएम मोदी ने त्रिवेणी तट पर आरती की। इस दौरान सीएम योगी और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने भी आरती की। पीएम मोदी ने देश में शांति स्थापना और देशवासियों के मगंल की कामना की। पीएम मोदी पवित्र संगम डुबकी लगाने वाले पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद दूसरे पीएम हैं।

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संगम स्नान के बाद पीएम मोदी ने त्रिवेणी तट पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम गंगा पंडाल पहुंचे। पीएम मोदी ने गंगा पंडाल से स्वच्छ और सुरक्षित कुंभ का संदेश दिया। स्वच्छाग्रहियों, सुरक्षा कर्मियों को सम्मानित किया। गंगा पंडाल में पीएम मोदी ने 5 सफाई कर्मियों के अपने हाथों से पैर धोए। इसके बाद पीएम ने अंगवस्त्र देकर उनका आभार जताया और धन्यवाद किया।

पीएम मोदी गंगा पंडाल में स्वच्छाग्रहियों को सम्मानित किया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों को सम्मानित किया। पीएम ने दो नाविकों, राजू निषाद और लल्लन निषाद को पुरस्कार दिया।
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गंगा पंडाल में केन्द्रीय मंत्री उमा भारती, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय, मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे।

नाविकों से बोले पीएम- आप खुद को राम का सेवक मानते हैं, मैं खुद को आपका प्रधान सेवक मानता हूं

पीएम मोदी ने गंगा पंडाल में मौजूद लोगों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पहले गंगा मैया का जयकारा लगाया। उन्होंने कहा कि, प्रयाग की भूमि पर मैं एक बार फिर आकर अपने आप को धन्य महसूस कर रहा हूं। मुझे संगम के तट पर स्नान और पूजा करने का परम सौभाग्य मिला। प्रयागराज से तप का पुराना नाता रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि, सफाई कर्मियों के योगदान से इस बार कुंभ की पहचान स्वच्छ कुंभ के रूप में हुई। मां गंगा की प्रबलता को लेकर भी इस बार खासी चर्चा है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के जरिए ये जान रहा था। आज यहां आकर खुद भी अनुभव किया। नमामि-गंगे के लिए अनेक स्वच्छाग्रही तो योगदान दे ही रहे हैं, आर्थिक रूप से भी मदद कर रहे हैं। 

मैंने भी इसमें छोटा सा योगदान किया है। सियोल पीस प्राइजज के तौर पर मुझे जो 1 करोड़ 30 लाख रुपए की राशि मिली थी, उसको मैंने नमामि-गंगे मिशन के लिए समर्पित कर दिया है। पिछले साढ़े चार वर्षों में मुझे जो भी उपहार मिला उसकी निलामी करके उस राशि को मां गंगा को समर्पित कर दिया। मां गंगा को समर्पित प्रहरी हमारे नाविक भी हैं। प्रयागराज और नाविकों का पुराना संबंध है। बिना नाविकों के तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की रामायण भी पूरी नहीं होती है। जो दुनिया को पार लगाते हैं उनकी नैय्या हमारे नाविक साथियों ने पार लगाया है। पीएम ने नाविकों को संबोधित करते हुए कहा कि, आप खुद को भगवान राम का सेवक मानते हैं और मैं खुद को आपका प्रधान सेवक मानता हूं...
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'प्रयागराज में कुंभ लगता है तो सारा प्रयागराज ही कुंभ हो जाता है'

पीएम मोदी ने कहा कि, साथियों जब प्रयागराज में कुंभ लगता है तो सारा प्रयागराज ही कुंभ हो जाता है। प्रयागराज के निवासी भी श्रद्धेय हो जाते हैं। प्रयागराज को विकसित करने और कुंभ को सफल करने में प्रयागराजवासियों की भी मुख्य भूमिका रही है। प्रयागराज में पहले जब मेला लगता था तो अस्थायी सुविधाएं होती थी, लेकिन इस बार ऐसी स्थायी सुविधाओं का निर्माण हुआ है जो लंबे समय तक प्रयागराज के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देगा।

पीएम ने कहा कि, इस साल 2 अक्टूबर से पहले पूरा देश खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने की तरफ आगे बढ़ रहा है और मैं समझता हूं, प्रयागराज के आप सभी स्वच्छाग्रही, पूरे देश के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आए हैं। गंगाजी की ये निर्मलता नमामि-गंगे मिशन की दिशा और सरकार के सार्थक प्रयासों का भी उदाहरण है। इस अभियान के तहत प्रयागराज गंगा में गिरने वाले 32 नाले बंद कराए गए हैं। सीवर-ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से गंगा नदी में प्रदूषित जल को साफ करने के बाद ही प्रवाहित किया गया। 

पिछली बार मैं जब यहां आया था तो मैंने कहा था कि इस बार का कुंभ अध्यात्म, आस्था और आधुनिकता की त्रिवेणी बनेगा। मुझे खुशी है कि आप सभी ने अपनी तपस्या से इस विचार को साकार किया है। तपस्या के क्षेत्र को तकनीक से जोड़ कर जो अद्भुत संगम बनाया गया उसने भी सभी का ध्यान खींचा है।

पीएम मोदी ने कहा कि- आज मेरा जीवन धन्य हो गया। साधु-महात्माओं के आशीर्वाद तो मिलते रहते हैं। उनसे मुलाकात भी होती रहती है, लेकिन आज मेरे लिए तपस्वी आप (स्वच्छताकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों) हैं। मेरे लिए सच्चे सेवक आप हैं। साधु-महात्माओं के आशीर्वाद से, उनसे मिली शिक्षा-दीक्षा से आज मैं आपके बीच खड़ा हूं। मैं सभी को धन्यवाद देता हूं। 

अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने गंगा, यमुना और सरस्वती मैया का जयकारा लगवाया।
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