पीएम मोदी अक्षयवट के दर्शन करते हुए (फाइल फोटो)
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कुंभ के बाद मूल अक्षयवट को वर्ष पर्यंत खोले जाने के प्रस्ताव पर अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हो सका है। इस वजह से आने वाले समय में इस तीर्थ के दर्शन को लेकर संशय के बादल छा गए हैं। फिलहाल 31 मार्च तक देश-दुनिया के श्रद्धालु मूल अक्षयवट के दर्शन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने बीते दिनों अक्षयवट और सरस्वती कूप को आम श्रद्धालुओं के लिए वर्ष पर्यंत खोले रखने के लिए शासन को दूसरी बार प्रस्ताव भेजा है। बीते दिनों कुंभ में हुई कैबिनेट की बैठक में भी योगी आदित्यनाथ सरकार ने केंद्र से आग्रह किया था कि मूल अक्षय वट को बंद न किया जाए, लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी न होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अकबर के किले में स्थित मूल अक्षयवट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर खोले जाने के बाद अब इस तीर्थ को वर्ष पर्यंत खुला रखने को लेकर कसरत की जाने लगी है।