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Kumbh Mela 2019: मौनी अमावस्या पर महास्नान के लिए उमड़ा आस्था का रेला, देखें तस्वीरें

Sun, 03 Feb 2019 05:57 PM IST
kapil kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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mauni amavasya

कुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर महास्नान के लिए देश के हर कोने से श्रद्धालु संगमनगरी की ओर खींचे चले आ रहे हैं। कुंभ में मौनी अमावस्या का महास्नान सोमवार को है, लेकिन संगम की रेती पर शनिवार से ही आस्था हिलोर ले रही है। रविवार की सुबह से शहर की सड़कें स्नानार्थियों की भीड़ से पट गई है। दिन के 1 बजे तक 70 लाख लोगों ने संगम में डुबकी लगा ली है। 

(सभी तस्वीरें:- अनिरूद्ध पांडे)

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इलाहाबाद जंक्शन, सिटी स्टेशन, प्रयाग और प्रयाग घाट स्टेशनों से निकल रही भीड़ संगम का रुख कर रही है। नैनी, छिवकी और झूंसी रेलवे स्टेशन भी श्रद्धालुओं से भरी पड़ी है। सिविल लाइंस बस अड्डा हो अथवा नैनी और झूंसी में बनाए गए अस्थायी बस अड्डे सभी जगह श्रद्धालुओं से पट गई है। शहर से लेकर कुंभ मेला के प्रवेश मार्गों तक और फिर मेला क्षेत्र के अंदर सीर पर गठरी ही गठरी ही दिखाई दे रही है। यही गठरी कुंभ की पहचान है और मेले की रंगत भी।
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इस कुंभ में आस्था और अध्यात्म के साथ आधुनिकता का भी संगम हो रहा है। भव्य और दिव्य कुंभ में काफी बदलाव दिख रहा है। नहीं बदली तो वह गठरी, जो मेले की रौनक है। मेला प्रशासन को अनुमान है कि लगभग साढ़े तीन करोड़ लोग सोमवार को संगम की रेती पर पहुंचेंगे। शहर की सड़कों से लेकर मेला तक मौनी अमावस्या पर आस्था का ऐसा जमघट लगा है कि कुंभ की और दिव्यता चारों ओर निखरने लगी है। गठरी लिए इन श्रद्धालुओं को न तो किसी व्यवस्था से मतलब होता है और न ही रोशनी से नहाई सड़कों से। अगाध आस्था में डूबे गठरी वाले श्रद्धालु पावन संगम पहुंचते हैं और आस्था की डुबकी लगाकर वापस अपने घर चले जाते हैं।

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फाफामऊ से अरैल के बीच सभी 22 पांटून पुलों पर लंबी कतारें सुबह से देर रात तक लगी रहीं। सोमवार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने के मद्देनजर इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।करीब 32 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसे मेला क्षेत्र का नजारा शनिवार की शाम को ही बदल गया। हर तरफ सिर पर गठरी और हाथों में अपनों का हाथ थामे बढ़ते श्रद्धालुओं का रेला दिखने लगा।
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फाफामऊ, शिवकुटी, नागवासुकि, बख्शी बांध, दारानगर, बेनी बांध के अलावा नैनी ब्रिज से कुंभ मेला क्षेत्र में पहुंचने वाले रास्तों पर लोग पैदल आगे बढ़ने की जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं। कुछ श्रद्धालु बच्चों को कंधे पर बैठाए तो कुछ बुजुर्ग लाठी लेकर संगम तट की ओर बढ़ते जा रहे हैं।
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स्नान घाटों के अलावा संगम क्षेत्र में की रेती पर जगह-जगह समूहों में लोगों ने अपना ठिकाना बना लिया। हालत यह थी कि न शिविरों में जगह बची न मठों, धर्मशालाओं में। टेंट सिटी भी हाउसफुल है। मेला क्षेत्र में 17 कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स लगाई गई है। इसके अलावा होमगार्डों समेत 14 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
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मौनी अमावस्या पर सुरक्षा के इंतजाम
10 जोन में मेला क्षेत्र को बांट तक तैनात किए गए सुरक्षा कर्मी
440 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी
96 फायर वाच टावर आईसीसीसी से जोड़े गए
37 कंपनीआरएएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, आईटीबीपी समेत अन्य अर्धसैनिक बलों की तैनाती
10 कंपनी एनडीआरएफ लगाई गई
सुगम स्नान की व्यवस्था
41 घाटों पर संगम के दोनों किनारों पर लगेगी डुबकी
40 सब फायर स्टेशन आग से बचाव के लिए चौबीस घंटे सक्रिय
111 घुड़सवार पुलिस घाटों से लेकर संगम तक निगरानी में जुटी

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कल लगेगी डुबकी मिलेगा अक्षय पुण्य
प्रयागराज के कुंभपर्व के दूसरे शाही, मौनी अमावस्या स्नानपर्व पर सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। अमावस्या तिथि का संचरण रविवार को दिन में 11.12 बजे से प्रारंभ होकर चार फरवरी को दिन में 1.12 बजे तक रहेगा। लेकिन, उदयातिथि के कारण मौनी अमावस्या स्नानपर्व सोमवार को ही होगा। इसी दिन स्नान, दान एवं श्राद्ध की अमावस्या है। मान्यता के मुताबिक मौन रहकर स्नान, दान करना विशेष पुण्यदायी है।
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 मौनी अमावस्या सोमवार को पड़ने से सोमवती अमावस्या का अक्षय पुण्य प्राप्त होगा। ब्रह्म मुहुर्त्त से ही मौनी अमावस्या का स्नान आरंभ हो जाएगा। श्रवण नक्षत्र रविवार की रात में 2.27 बजे से 4.57 बजे तक है। मौनी, सोमवती अमावस्या पर श्रवण नक्षत्र के साथ ही बन रहा सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग सर्वप्रकार से अमृततुल्य है।
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