मेले के दौरान अखाड़े में दर्शन को पहुंचे श्रद्धालुओं को किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी सहित अन्य संत-महात्माओं की ओर से सिक्के के साथ ही अक्षत भी दिया गया। आचार्य के मुताबिक जन्म लेने वाले बच्चे या बच्ची को सबसे पहले किन्नरों की ही गोद में देकर आशीर्वाद दिलाया जाता है, ऐसे में उस बच्चे से हमें भी माता-पिता जितना ही लगाव होता है। सिक्के को हरे कपड़े में बांधकर जेब और लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखना शुभतादायी है। इससे आर्थिक लाभ के साथ ही मन भी शांत होता है।
रविवार को मिलेगा आशीर्वाद
किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी के मुताबिक प्रयागराजवासी रविवार को कुंभ मेले के सेक्टर बारह स्थित शिविर के आर्ट विलेज में दोपहर दो से रात दस बजे तक मुलाकात कर सकेंगे।
महाशिवरात्रि को अमरत्व स्नान
किन्नर अखाड़ा फिलहाल महाशिवरात्रि तक कुंभ मेला क्षेत्र में रुकेगा। महाशिवरात्रि को ही दोपहर एक बजे संगम पर कुंभपर्व के अंतिम अमरत्व स्नान होगा। अगले दिन अखाड़े की ओर से प्रयागराजवासियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए ‘आभार यात्रा’ निकाली जाएगी। दारागंज के नागवासुकि मार्ग से आरंभ यात्रा अलोपीबाग, फोर्ट रोड, बैरहना, रामबाग, बाई का बाग होते हुए रामभवन चौराहे पहुंचकर पूरी होगी। इसमें अखाडे़ के सभी संत-महात्मा, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।