भारतीय धर्म-संस्कृति से प्रभावित फ्रांस के पेरिस से आईं क्राइस्ट अब खुद को भगवान शिव की साधक बता रही हैं। जूना अखाड़े के शिविर में हर-हर महादेव का जयघोष लगाते हुए वह बोलीं, आई सी लार्ड शिवा...आईएम शिवानी। क्राइस्ट से शिवानी बनीं धर्मधीरू विदेशी महिला कुंभ में श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हैं।
जूना अखाड़े के शिविर में नागा संत के सामने बैठी क्राइस्ट उर्फ शिवानी संगम की रेती पर ही बसना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि यहां शांति मिलती है। गले और हाथ में रुद्राक्ष की कंठीमाला, उलझी खुली जटाएं और माथे लगी भभूत के साथ उनका बम-बम भोले, हर-हर महादेव बोलकर ईश्वर की भक्ति में मगन होकर झूमना दिन भर श्रद्धालुओं के बीच किसी कौतूहल से कम नहीं रहा। वहीं उन्हें आशीर्वाद दे रहे नागा संत के धूने पर दान का भंडार लग गया। लोगों ने खूब चढ़ावा चढ़ाया।
दीन-दुनिया से दूर संगम की रेती पर कुंभ को शांति का मेला बताने वालीं क्राइस्ट उर्फ शिवानी को यहां ज्यादा दिन न रुक पाने का मलाल है। वह बोलीं, १६ दिन के वीजा पर आई हूं। बस कुछ दिन और फिर वहीं...।
शिव ने दूर किया कॉस्मिक किरणों का प्रभाव
क्राइस्ट उर्फ शिवानी अपनी कहानी बड़ी सादगी से बताती हैं। उनका दावा है कि उन्हें भगवान शिव ने दर्शन दिए हैं। इसलिए वह यहां आई हैं। उन्होंने बताया कि बचपन में कॉस्मिक किरणों के प्रभाव से बीमार हो गईं। वह शिव की शरण में आकर जप तप करने लगीं। अचानक एक दिन उन्हें शिव के स्वरूप का दर्शन हुआ। इसी के बाद से वह भारतीय धर्म से प्रभावित हैं।