सपा बसपा के गठबंधन की चुनौतियों और प्रियंका गांधी को कांग्रेस द्वारा पूर्वी यूपी की कमान देने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने हिंदुत्व के मुद्दे को एक बार फिर से धार दी है। मिशन 2019 को देखते हुए कैबिनेेट की बैठक में ऐसे निर्णय लिए जो सीधे तौर पर पार्टी के हिंदुत्व मुद्दे को धार देते दिखाई पड़े।
बैठक में सरकार का हिंदुत्व के जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर रहा। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भले ही कैबिनेट में कोई बात न हुई जो लेकिन, बैठक शुरू होने से कुछ देर पहले केंद्र सरकार द्वारा राम मंदिर के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका ने सरकार के मंत्रियों के चेहरे पर चमक जरूर बिखेर दी। प्रयागराज में बैठक शुरू होने के एक दिन पहले ही लखनऊ में पार्टी की कोर कमेटी ने तय कर दिया था कि योगी सरकार कैबिनेट बैठक में किन एजेंडों के साथ जाएगी।
तय एजेंडे के तहत योगी कैबिनेट ने भारद्वाज ऋषि के आश्रम के सौंदर्यीकरण, शृंग्वेरपुर धाम के विकास का निर्णय लिया। दरअसल मिशन 2019 के लिए कांग्रेस का एक तबका प्रियंका गांधी को फूलपुर संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाने की मांग कर रहा है। इस वजह से योगी कैबिनेट इस संसदीय क्षेत्र के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के साथ मोदी-योगी के कामों को जनता के बीच प्रभावी तरीके से पहुंचाकर वोटों की गणित दुरुस्त करना चाह रही है। क्योंकि पिछले वर्ष यहां हुए उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त मिली थी।
बैठक के बाद सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डा. दिनेश शर्मा के साथ तमाम मंत्रियों ने संगम में एक साथ डुबकी लगाकर हिंदुत्व मुद्दे पर विपक्षी दलों को जवाब देने का भी प्रयास किया। कुंभ में यह पहला मौका था कि जब एक साथ इतने मंत्रियों ने संगम स्नान किया। बताया जा रहा है कि बैठक में गरीब सवर्णों को दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण और जीएसटी में दी गई रियायतों को किस तरह से भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में शामिल किया जाए, उस पर भी मंथन किया गया। पड़ोसी जिले चित्रकूट और विंध्याचल के विकास कार्यों की घोषणा भी मिशन 2019 के तहत की गई।