पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से करवट लेने वाला मौसम अपने तेवर से वसंत पंचमी तक रिमझिम बारिश करा सकता है। मौसम विभाग ने गरज चमक संग बारिश होने और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। वही मौसम विज्ञानियों का पूर्वानुमान है कि ठंडी बर्फीली हवाओं का अंधड़ उतार पर चल रही ठंड को एक बार कड़क करेगा। इस दौरान ओला वृष्टि और बारिश के आसार हैं। बुधवार की भोर बादलों की डगरमगर बारिश का अंदेशा बनाए थे।
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rain
सोमवार तक तपा सूरज लगातार दूसरे दिन भी बादलों के बीच दुबका रहा धूप लापता रही। शाम को चली तेज ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी। रात में बादलों का घुमडऩा और रंग बदलना जारी रहा। बदरी के बाद भी अधिकतम तापमान पहाड़ की ओर चढ़ते हुए 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार को यह माप 24.2 डिग्री सेल्सियस थी।
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वहीं न्यूनतम पारा भी छलांग लगाकर 10.1 से 12.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आद्र्रता अधिकतम स्तर पर बनी रही। नमी के साथ वातावरण में तापमान का बढऩा बारिश का संकेतक माना जाता है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वैज्ञानिकों के मुताबिक बृहस्पतिवार को गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की संभावना जताई है। वहीं मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा ने बताया कि ठंड का प्राणोत्तर (ठंड में कमी) की दशा में दस फरवरी तक मौसम लचीला बना रहेगा। ऐसे में पहाड़ों पर बर्फबारी से मौसम करवट ले रहा है।
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Rain in kumbh
उठापटक वाले मौसम के तीखे तेवर कारण आने वाले दिनों में ओले, अंधड़, बारिश के आसार बने हैं। इस बीच कोहरा भी छा सकता है। ठंड एक बार फिर सताएगी फिर दिन में धूप से राहत रहेगी लेकिन रात की सर्दी अभी बनी रहेगी।
मौसम का ऐसे ही मिजाज बदलता रहा तो बसंत पंचमी पर डुबकी लगाना आसान नहीं होगा। बता देें कि आज गुरुवार को दिन में भी हल्की-फुल्की बारिश ने दस्तक दी है। ऐसे में मेला क्षेत्र में फिसलन बढ़ सकती है। जिससे श्रद्धालुओं को खासी परेशानी हो सकती है। दूर से आए श्रद्धालु जो संगम क्षेत्र में खुली आसमान के नीचे रात बिताते हैं उनके लिए बारिश और ठंड मुश्किलें बढ़ा सकती है।