इसके बाद दर्शन के लिए दूर-दराज संतों और भक्तों की भीड़ जुटने लगी। भंडारे का कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से प्रारंभ हुआ। जो देर रात तक चली। इस दौरान करीब 40 हजार लोंगो ने प्रसाद ग्रहण किया। यह कार्यक्रम सुबह से मध्य रात्रि तक चलता रहा।
इस दौरान स्वामी जी ने सभी साधु संतों को अंगवस्त्रम देकर विदाई देकर विदा किया। उन्होंने बताया कि भंडारे में आने वालों भक्तों को प्रसाद वितरण के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई थी। जिन्होंने भंडारे कार्यक्रम में आने वाले भक्तों को सहृदय प्रसाद वितरण किया।