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कुंभ 2019: बिछड़ने की टीस और मन भर आशीष लेकर विदा हुए कल्पवासी

Wed, 20 Feb 2019 06:42 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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कुंभ मेले के पांचवें स्नानपर्व, माघी पूर्णिमा पर मंगलवार को संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाने के बाद कल्पवासी तंबुओं की नगरी से घरों को विदा हो गए। जाते समय कल्पवासी अपने संग गंगाजल, गंगा की मिट्टी और गंगा माई का आशीष भी ले गए। घर-परिवार, रिश्तेदारों, पड़ोसियों के लिए भी उन्होंने कुंभ मेले से लाई-इलायची दाना, कलाईनारा, चूड़ी-बिंदी, सिंदूर का प्रसाद खरीदा। घर ले जाने के लिए सामान पूर्व संध्या पर ही समेट लिया गया था, सो माघी की डुबकी के साथ ही रवानगी हो गई।

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अबकी मकर संक्रांति या पौष पूर्णिमा को जो तुलसी का बिरवा रोपकर और जौ बोकर कल्पवास के अनुष्ठान की शुरुआत की थी, घर जाते समय वही तुलसी का बिरवा भी संग गया। विस्थापन से पूर्व दीप जलाकर तुलसी पूजन किया गया। मान्यता के अनुसार जौ की हरी पौध में से कुछ हिस्सा गंगा में विसर्जित करने के साथ ही बाकी बचा हिस्सा लोग संग ले गए। गंगा की मिट्टी घर के आंगन सहित खेत में भी रखी जाएगी। इसी तरह जौ की हरी पौध भी ले जाकर अन्न कोठार और पूजा स्थल पर रखी जाएगी ताकि पूरे वर्ष शुभता बनी रहे।

तकरीबन माह भर से तीर्थपुरोहित के शिविर में रहकर यम, नियम, संयम के साथ एक समय भोजन, दो या तीन बार स्नान और जमीन पर ही सोने की साधना पूरी करने पर मंगलवार को उन्होंने एक बार फिर परंपरानुसार मुंडन कराया। गंगा स्नान, पूजन के बाद शिविर में लौटकर आहुतियां डालकर कल्पवास की पूर्णाहुति की। अपने तीर्थ पुरोहित को यथाशक्ति दान-दक्षिणा दिया और फिर उनका आशीष लेकर अपने-अपने घरों को लौट गए।कई कल्पवासियों ने जरूरतमंदों को भोजन कराने सहित वस्त्र तथा तिल, कंबल, कपास, गुड़. घी, मोदक, अन्न आदि का दान भी किया। कई कल्पवासियों के शिविरों में पूर्णिमा पर सत्यनारायण व्रत कथा सुनने के बाद भंडारा में अन्य कल्पवासियों, रिश्तेदारों को भोजन प्रसाद कराया गया।

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भोर तक चला भजन, कीर्तन

सेक्टर 15 जीटी के दक्षिण स्थित हाथी निशान वाले तीर्थपुरोहित राजेश पांडेय के शिविर में रुके सीधी के बसंत लाल पांडेय, रामकुमार दुबे, सतना के श्याम बहादुर सिंह, सिंगरौली के कृपा शंकर द्विवेदी आदि की ओर से पूर्व संध्या पर आरंभ भजन-कीर्तन, पाठ का क्रम भोर तक चला। दो बोतल लाल झंडा निशान वाले तीर्थपुरोहित राम बिहारी शुक्ल के शिविर में गोरखपुर से आए राम कैलाश मिश्र एवं अन्य कल्पवासियों ने रिश्तेदारों, पड़ोसियों के लिए लाई-इलायची दाना, कलाईनारा, चूड़ी-बिंदी, सिंदूर का प्रसाद खरीदा।

दान-दक्षिणा, सज्जादान भी
सेक्टर ग्यारह, अनंतमाधव मार्ग स्थित सूरज निशान वाले तीर्थपुरोहित राजीव भारद्वाज के शिविर में पुरोहित मां चित्रा भारद्वाज को कोरांव के सूर्यनाथ शुक्ल, मडसाकला के विंध्यवासिनी पांडेय, घूंघा के इंद्रमणि देव पांडेय आदि ने कल्पवास की पूर्णता पर सज्जादान भी दिया। सेक्टर चौदह के हरिश्चंद्र मार्ग स्थित तीर्थपुरोहित आशुतोष के शिविर से विदा होते कल्पवासियों आजमगढ़ के राम गरीब, गोरखपुर के रविंद्र शुक्ला, कौशाम्बी के मुकेश कुमार आदि ने मौके पर तो अन्नदान नहीं किया लेकिन फसल कटने पर अन्न लेने के लिए आने का निमंत्रण दिया। फिलहाल पूर्णिमा पर दान की मात्रा रजिस्टर में नोट करा दी।
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