आखिर वही हुआ, जिसकी आशंका जताई जा रही थी। कुंभ मेला शुरू हो गया और तमाम काम अधूरे रह गए। मेला के सेक्टर 14 और 15 के हजारों शिविरों में शौचालय नहीं लगे हैं। खुले में में गंदगी फैल रही है। स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ाती अव्यवस्था कल्पवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है।
शंकराचार्य मार्ग में सेक्टर 14 में हजारों श्रद्धालु शिविरों में बस गए हैं। बादशाहपुर जौनपुर के रहने वाले मेवा लाल गुप्ता और गोरखपुर के जनार्दन शुक्ला के शिविरों में शौचालय नहीं लगे हैं। पिछली बार उन्होंने शौचालय के लिए दो हजार रुपये दिए थे लेकिन इस बार पांच हजार रुपये प्रति शौचालय कीमत वसूली जा रही है। इसके बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है। सेक्टर 14 में रह रहे गोरखुपर के अरविंद पांडेय और उनके साथी अपनी शिकायत लेकर कई बार सेक्टर मजिस्ट्रेट के कार्यालय में गए लेकिन सेक्टर मजिस्ट्रेट नहीं मिले।
समस्या सिर्फ शौचालय तक सीमित नहीं है। रुद्रपुर, गोरखपुर के लाल त्रिपाठी को बीती रात अपने शिविर के बाहर ठिठुरते हुए बितानी पड़ी। वहां जल निगम के पाइप लाइन में लीकेज था। उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शाम को तीन इंच का पाइप अचानक फट गया और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी आसपास के शिविरों में घुस गया। शिविर में रखा बिस्तर भीगकर खराब हो गया। सेक्टर 14 और 15 के बड़े हिस्से में केवल खंभे लगे हैं लेकिन उन पर लाइट नहीं है।
बिजली के तार भी नहीं लगे हैं। ऐसे में इन देनों सेक्टरों में रहने वाले कल्पवासियों को बिजली की भी जबर्दस्त समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहां चर्चा है कि व्यवस्था का ठेका अघोषित रूप से एक अफसर की पत्नी को दे दिया गया है और जमकर मनमानी हो रही है। प्रयागवाल सभा के संयोजक प्रकाश मिश्र का कहना है कि अफसर तो वीआईपी की खातिरदारी में व्यस्त हैं। ऐसे में आम कल्पवासी की सुनवाई कहां होगी।