Sangam ki reti
देवरहा बाबा सेवाश्रम पीठ के प्रमुख डा. रामेश्वर प्रपन्नाचार्य का कहना है कि, संगम की रेत इसलिए पवित्र है क्योंकि सनातन काल से इस रेती पर संतों के चरण पड़ते रहे हैं। जिसकी वजह से यह पवित्र हो गई है। अनादिकाल में भगवान राम, कृष्ण के चरण भी इसी रेती पर पड़े हैं। यही वजह है कि जब इस रेती को भक्त अपने माथे पर धारण करते हैं, उसे अपने शरीर में लपेटते हैं तो इसके पीछे आस्था के साथ इसका वैज्ञानिक महत्व भी होता है।