राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना विहिप शिविर
कुंभ क्षेत्र में स्थापित विश्व हिंदू परिषद का शिविर देश भर की राजनीतिक और हिंदुत्व को लेकर की जाने वाली गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। धर्म संसद के बाद संघ और विहिप कार्यकर्ताओं के साथ अब भाजपा पदाधिकारियों की आगामी दिनों में होने वाली बैठक की वजह से शिविर एक बार फिर सुर्खियों में रहेगा। जिसमें लोकसभा चुनाव को लेकर संघ और भाजपा रणनीति बनाएगी।संघ, विहिप और भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक 15 से 18 फरवरी के बीच होनी है। इसे लेकर संघ के पूर्वी क्षेत्र के चारों प्रांतों की तैयारी शुरू हो गई है।
प्रांत और विभाग स्तर के स्वयं सेवकों के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़ी करीब 50 लोकसभा सीटों के भाजपा समन्वयक भी यहां पहुंचने वाले हैं। चार दिवसीय इस बैठक का मुद्दा लोकसभा चुनाव २०१९ रहेगा। विहिप के शिविर में होने वाले इस आयोजन में जो मंथन होगा, उसी के आधार पर चुनाव में कार्यकर्ताओं के जरिए कार्य किया जाएगा। संघ, विहिप और भाजपा कार्यकर्ताओं की इस बैठक का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा को मजबूत करने पर रहेगा। दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा सभी जातियों को जोडऩे की एक नई मुहिम चलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी को और मजबूत करने की खास वजह सपा और बसपा का गठबंधन माना जा रहा है।