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कुंभ 2019: शाह के आगमन से पहले बढ़ी अखाड़ों में हलचल, राजनीतिक अखाड़ा बना विहिप का शिविर

Fri, 08 Feb 2019 06:59 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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जैसे जैसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आगमन की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे अखाड़ों के बीच हलचल तेज हो गई है। अखाड़ों और कई महामंडलेश्वर के साथ शाह को लेकर लंबी चर्चा भी हुई है। कहा जा रहा है कि अमित शाह की अखाड़ों के साथ भी मुलाकात का क्रम बनाया गया है।  इसमें अखाड़ा परिषद के साथ कई प्रमुख संंत भी मौजूद रहेंगे।शासन की तरफ से अभी तक अमित शाह के आने का प्रोटोकॉल जारी नहीं हुआ है लेकिन वह 13 फरवरी को यहां आएंगे ऐसी सूचना है।

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संगम में डुबकी लगाने के बाद अमित शाह अक्षय वट के दर्शन भी करेंगे। इसके बाद अखाड़ों और संतों से मिलने का उनका क्रम शुरू होगा। अखाड़ा परिषद के साथ उनकी अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर वार्ता होगी। बताया जा रहा है कि शाह इस दौरान संतों से मंदिर निर्माण से पहले केंद्र में मोदी सरकार को दुबारा लाने के लिए किस तरह से रणनीति बनाई जाए इस पर भी संतों के साथ चर्चा करेंगे। पता चला है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में संतों की भूमिका को भाजपा विशेष तरजीह दे रही है। अमित शाह जिन प्रमुख संतों से मिल सकते हैं, उसमें स्वामी अवधेशानंद गिरी, परमार्थ निकेतन के प्रमुख चिदानंद मुनि, पूर्व गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद, स्वामी हंसदेवाचार्य के अलावा शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती का नाम शामिल है।

अमित शाह के प्रयागराज कुंभ में आने को लेकर प्रदेश भाजपा में भी तैयारी शुरू हो गई है। पता चला है कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय और मुख्यमंत्री योगी ने इस संबंध में अलग-अलग बैठकें की है। सूचना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय, महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी प्रयागराज कुंभ आ सकते हैं। इस दौरान सर्किट हाउस में पार्टी के लोगों के साथ भी राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात हो सकती है।

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vhp dharma sabha - फोटो : amar ujala
राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना विहिप शिविर
कुंभ क्षेत्र में स्थापित विश्व हिंदू परिषद का शिविर देश भर की राजनीतिक और हिंदुत्व को लेकर की जाने वाली गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। धर्म संसद के बाद संघ और विहिप कार्यकर्ताओं के साथ अब भाजपा पदाधिकारियों की आगामी दिनों में होने वाली बैठक की वजह से शिविर एक बार फिर सुर्खियों में रहेगा। जिसमें लोकसभा चुनाव को लेकर संघ और भाजपा रणनीति बनाएगी।संघ, विहिप और भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक 15 से 18 फरवरी के बीच होनी है। इसे लेकर संघ के पूर्वी क्षेत्र के चारों प्रांतों की तैयारी शुरू हो गई है।

प्रांत और विभाग स्तर के स्वयं सेवकों के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़ी करीब 50 लोकसभा सीटों के भाजपा समन्वयक भी यहां पहुंचने वाले हैं। चार दिवसीय इस बैठक का मुद्दा लोकसभा चुनाव २०१९ रहेगा। विहिप के शिविर में होने वाले इस आयोजन में जो मंथन होगा, उसी के आधार पर चुनाव में कार्यकर्ताओं के जरिए कार्य किया जाएगा। संघ, विहिप और भाजपा कार्यकर्ताओं की इस बैठक का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा को मजबूत करने पर रहेगा। दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा सभी जातियों को जोडऩे की एक नई मुहिम चलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी को और मजबूत करने की खास वजह सपा और बसपा का गठबंधन माना जा रहा है।
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