मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं को संगम से दूर रखने की रणनीति बनाई गई है। शहर तथा जंक्शन से आने वाले स्नानार्थियों को ही संगम तक जाने दिया जाएगा। झूंंसी, फाफामऊ, नैनी की तरफ से आने वालों को नदी पार नहीं करने दिया जाएग। उनके लिए वहीं पर गंगा किनारे स्नान की व्यवस्था की गई है। यहां तक कि मेला क्षेत्र में प्रवेश के बाद स्नानार्थी पीपा पुल पार करके भी संगम नहीं आ सकेंगे।
संगम नोज का एक हिस्सा अखाड़ों के स्नान के लिए सुरक्षित किया गया। इससे बाहर आम श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे लेकिन वहां तक भी परेड से आने वाले लोग ही पहुंच पाएंगे। इस मकसद से फाफामऊ से अरैल तक फैले पूरे क्षेत्र को संगम घोषित कर दिया गया है। डीआईजी मेला केपी सिंह ने बताया कि शहर, रेलवे स्टेशन से आने वाले श्रद्धालु सेक्टर एक से पांच में बने घाटों पर स्नान कर पाएंगे। लखनऊ, कानपुर और प्रतापपुर से आने वाले जो लोग नवाबगंज में रोके जाएंगे वे सेक्टर छह, सात आठ में घाटों पर स्नान कर पाएंगे।
उन्हें पीपा पुल से भी गंगा नदी पार नहीं करने दिया जाएगा। जौनपुर से आने वाले उत्तरी झूंसी में सेक्टर नौ से 14 के बीच बने घाटों पर स्नान कर पाएंगे। वहीं वाराणसी से आने वाले स्नानार्थियों के लिए दक्षिणी झूंसी में सेक्टर 10 से 17 में स्नान की व्यवस्था की गई है। रीवा, मिर्जापुर से आने वालों को अरैल के 18, 19 और 20 में रोक लिया जाएगा। एडीजी, मंडलायुक्त समेत अन्य अफसरों ने अपील की है कि श्रद्धालु निर्धारित स्थान पर स्नान करें।