कुंभ मेले के दौरान स्नान घाटों के आसपास फोटोग्राफी पर रोक लगाने की मांग में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। मांग की गई है कि इस मामले में पहले से ही रोक है कि स्नान घाटों से 100 मीटर की दूरी तक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी न की जाए।
हाईकोर्ट ने 2013 के कुंभ में हेमंत कुमार केस में मेला प्रशासन को घाटों पर फोटोग्राफी रोकने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि मीडिया एडवाइजरी का कड़ाई से पालन किया जाए। याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ सुनवाई कर रही है।
याची के अधिवक्ता असीम कुमार राय का कहना है कि इस आदेश के बावजूद 2019 के कुंभ मेला में प्रशासन ने घाटों पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी रोकने का कोई प्रबंध नहीं किया है। बिना रोकटोक के फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी हो रही है। मेला प्रशासन की गाइड लाइन में साफ कहा गया है कि स्नान घाटों पर फोटोग्राफी न होने दी जाए।
याची का कहना है कि यूनाइटेड प्राविंसेस मेला एक्ट 1939 के अनुसार स्नान घाट की फोटो और वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है। हाईकोेर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और मेला प्रशासन से पूछा है कि इस आदेश का पालन करने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।