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सुरक्षित कुंभ में पीपीएस संवर्ग के कई अफसर खफा, डीजीपी ने विकल्पों पर विचार का दिया भरोसा

Sun, 24 Feb 2019 01:15 PM IST
shubham न्यूज डेस्क अमर उजाला, प्रयागराज
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DGP of UP
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डीजीपी ओपी सिंह की बैठक में भी शनिवार को ट्रांसफर-पोस्टिंग में भेदभाव सेनाराज एएसपी आशुतोष मिश्र के वीआरएस मांगने का मुद्दा छाया रहा। पता चला कि एएसपी आशुतोष इस पीड़ा को जताने वाले अकेले पुलिस अफसर नहीं हैं, उनके अलावा पीपीएस संवर्ग के कई पुलिस अधिकारी सुरक्षित कुंभ के लिए पसीना बहाने के बाद तैनाती को लेकर परेशान हैं और उनकी सुनी नहीं जा रही है। डीजीपी ने कुंभ में तैनात एएसपी स्तर के कई अधिकारियों को बुलवाकर उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके विकल्पों पर विचार किया जाएगा। साथ की एएसपी आशुतोष मिश्र के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश भी की।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान डीजीपी ओपी सिंह ने तबादला और तैनाती को लेकर परेशान पुलिस अफसरों को बुलवाया था। इस दौरान डीजीपी ने पीपीएस संवर्ग के अफसरों से सामूहिक रूप से बात की। डीजीपी ने कहा कि सुरक्षित कुंभ के लिए योगदान देने वाले हर पुलिस अफसर की सहूलियतों का ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तैनाती के लिए जिन अफसरों ने भी विकल्प दिए हैं, उन पर पूरी संजीदगी से विचार किया जाएगा। परेशान होने की जरूरत नहीं है। एसएपी आशुतोष मिश्र के वीआरएस मांगने के सवाल पर उनका कहना था कि पारिवारिक कारणों से उन्होंने ऐसा कदम उठाया था, लेकिन उनको समझाया गया है।

उधर, अंदरखाने पता चला है कि सुरक्षित कुंभ के लिए दिन रात पसीना बहाने वाले पीपीएस संवर्ग के कई अफसर नई तैनाती में भेदभाव बरते जाने से नाराज हैं। कहा जा रहा है कि एएसपी संगम के पद पर तैनात रहे पुर्णेंदु सिंह का तबादला एएसपी ग्रामीण वाराणसी के पद पर हुआ था, लेकिन जब वह वहां जाने के लिए तैयार नहीं हुए तो उनके अनुरोध पर तबादला में संशोधन करते हुए एसपी ट्रैफिक लखनऊ के पद पर मनचाही पोस्टिंग दे दी गई। इसी तरह कुंभ में एएसपी यातायात रहे ओपी सिंह का तबादला एएसपी नक्सल सोनभद्र के पद पर हुआ था।

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