किन्नर अखाड़े में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की देखरेख में सुबह 11 बजे धर्मध्वज-राष्ट्रध्वज संग-संग फहराया जाएगा। दंडी सन्यासियों के अलग-अलग शिविरों में भी ध्वजारोहण के तहत सेक्टर-चौदह के दंडी बाड़े के चरखी-दादरी शिविर में स्वामी ब्रह्माश्रम की अगुवाई में ध्वजारोहण होगा। टीकरमाफी आश्रम में स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी के नेतृत्व में राष्ट्रध्वज समारोह मनेगा। कंप्यूटर बाबा के शिविर में भी धर्म ध्वज संग राष्ट्रध्वज फहराया राष्ट्र को नमन किया जाएगा।
गंगा सेना शिविर में राष्ट्रकल्याण को आहुतियां
गंगा सेना शिविर में संयोजक योग गुरु स्वामी आनंद गिरि की देखरेख में बटुकों की ओर से राष्ट्रगान एवं राष्ट्रीय गीत के साथ धर्मध्वज और राष्ट्रध्वज संग-संग फहराया जाएगा। बाद में राष्ट्र के कल्याण के लिए आहुतियां डाली जाएंगी। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। बालिका शिक्षा को लेकर श्रद्धालुओं को शपथ भी दिलाई जाएगी।
शंकराचार्य स्वरूपानंद के शिविर में ध्वजारोहण 28 को
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के शिविर में गणतंत्र दिवस समारोह तिथि के मुताबिक माघ कृष्ण अष्टमी, 28 जनवरी को मनाया जाएगा। परमधर्मसंसद के तहत संग-संग धर्मध्वजा और पचास फीट ऊंचा तिरंगा लहराकर राष्ट्र को नमन किया जाएगा। राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत के साथ ही गंगा गीत भी गूंजेगा। संस्कृत के विद्यार्थी परेड करके राष्ट्रध्वज का वंदन करेंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कहते हैं, शिविर में राष्ट्रीय पर्वों को तिथि के अनुसार मनाने की परंपरा है।