स्वास्थ्य विभाग ने कुंभ मेले के बीते 46 दिनों में 6.53 लाख मरीजों का ओपीडी में इलाज किया वहीं गंभीर रूप से बीमार करीब 4700 मरीज केंद्रीय अस्पताल में भर्ती किए गए। एयर एंबुलेंस से सात गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कराकर दिल्ली भेजा गया। मेला क्षेत्र को पांच जोनों में बांटकर विशेष निगरानी की गई। पहली बार ऑनलाइन पोर्टल पर रिपोर्टिंग के संग आईसीटी बेस्ड डिजीज सर्विलांस सिस्टम ने काम किया।
चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव वी हेकली जहिमोमी को यह जानकारी कुंभ मेला के स्वास्थ्य प्रभारी (एडी हेल्थ) डॉ. एके पालीवाल ने रविवार को दी। सिविल लाइंस में कुंभ मेले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक और कुंभ में नई पहल विषयक कार्यशाला के दौरान बताया गया कि कैसे स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन किया गया। कार्यशाला में कुंभ के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, आपदा के कार्यों के स्वच्छ जल, आपदा प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि इसी तर्ज पर हरिद्वार, नासिक और उज्जैन के कुंभ में व्यवस्था कर मेले को सफल बनाया जा सकता है।
सचिव जहिमोमी ने कुंभ में डिजीटल डिजीज सर्विलांस को सराहा। उन्होंने कहा कि स्थिति बिगड़े, उससे पहले बचाव की रणनीति बनाकर काम करने से आयोजन को सफल बनाया गया। बतौर मुख्य अतिथि सचिव ने डॉक्टरों समेत 50 स्वास्थ्य कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान दिया। कुंभ में चिकित्सा व्यवस्था के नोडल अधिकारी डॉ. शक्ति बसु ने बिंदुवार जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बार तीन अलग-अलग टीमों ने समन्वय बनाकर कार्य करते हुए आदर्श कार्यशैली की मिसाल कायम की है। इस मौके पर सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी, नोडल अफसर स्वच्छता डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, नोडल अफसर डिजीज डॉ. आशु पांडेय, यश अग्रवाल, डॉ. ज्योति मिश्राए डिप्टी, डॉ. सौरभ सोनकर, आपदा प्रबंधन प्रभारी डॉ. ऋषि सहाय, डॉ. श्याम सिंघल समेत मेले में तैनात मेडिकल अफसर और कर्मचारी मौजूद रहे।
डब्ल्यूएचओ की मदद से हाईटेक रही स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी
राज्य निगरानी अधिकारी डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर प्रतिदिन निगरानी से बेहतर कार्यशैली विकसित हुई। पोर्टल में डब्ल्यूएचओ ने तकनीकी मदद की, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की हाईटेक तरीके से निगरानी की जा सकी। इसके लिए प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई को टैब दिए गए थे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ईआईएस टीम ने भी सपोर्ट किया। अब कुंभ बाद इस पोर्टल को ब्लाक स्तर पर लागू किया जाएगा।