फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोरारी बापू ने मूल अक्षयवट का किया दर्शन, बोले- संगम तट पर संत समागम विश्व के लिए अनुकरणीय

Fri, 18 Jan 2019 11:50 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
Morari Bapu
विज्ञापन

प्रख्यात मानस मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने शनिवार की शाम दिव्य कुंभ की छटा देखने के बाद कहा कि धर्म-संस्कृति का यह अद्वितीय समागम विश्व के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस यज्ञ भूमि से देश-दुनिया के सामने सांस्कृतिक समागम का उदाहरण पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। यहां की भव्यता से यह साफ प्रतीत हो रहा है।

विज्ञापन


संत मोरारी बापू चार्टर्ड प्लेन से दोपहर बाद तीन बजे बम्हरौली एयरपोर्ट पहुंचे। वहां महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के अलावा सैकड़ों अनुयायियों, रामकथा प्रेमियों ने उनकी अगवानी की। इसके बाद मोरारी बापू महर्षि भरद्वाज आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने शहर की सबसे ऊंची महर्षि भारद्वाज की प्रतिमा का दर्शन किया। कुछ देर यहां बिताने के बाद बापू मूल अक्षयवट के दर्शन के लिए पहुंचे। अक्षयवट में ज्ञान रूपी जड़ों को उन्होंने नमन किया। इसके बाद वह सीधे सेक्टर-13 में मुक्ति मार्ग पर स्थित निंबार्क नगर पहुंचे।

वहां उन्होंने कथा स्थल पर की गई भव्य तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने संगम की रेती पर संतों-भक्तों के शिविरों में शुरू यज्ञ-भजन की परंपरा को हर किसी के लिए पे्ररक बताया। कहा कि यह कुंभ विश्व समुदाय के लिए अद्वितीय है। ऐसी मनोरम छटा के दर्शन कर कोई भी प्रफुल्लित हो उठेगा। संत मोरारी बापू की निंबार्क नगर सेवा समिति की ओर से आयोजित कथा में शाम चार बजे से देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को तीर्थ राज की महिमा का रसपान कराएंगे। रविवार से यह कथा 27 जनवरी तक सुबह 9:30 बजे से दोपहर एक बजे तक चलेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें