Kumbh (कुंभ) में इस बार कई इतिहास रचा जा रहा है। मौनी अमावस्या पर 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। रविवार को वसंत पंचती के दिन अंतिम शाही स्नान पर 1.7 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। कुंभ मेला प्रशासन ने दावा किया है कि तीनों शाही स्नान पर्वो से लेकर अब तक तकरीबन 17 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई है।
कुंभ मेला विधिवत रूप से अपनी धार्मिक यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। इसी के साथ मेला क्षेत्र में बड़े धार्मिक आयोजन भी किए जा रहे हैं। हर तरफ मानवता, सेवा और संस्कार की सीख लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कहीं रामकथा तो कहीं लीलाओं का मंचन हो रहा है। संगम तीरे से लेकर शिविरों तक सांस्कृतिक-आध्यात्मिक गरिमा की गूंज सुनाई दे रही है।
आज महाकुंभ का 30वां दिन है और ये हैं आज कुंभ नगर में होने वाले विशेष आयोजन:-
1-दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के सेक्टर 7 स्थिति शिविर में महाबुद्ध अवतरण पर समाधि लीला का मंचन शाम 6.30 बजे से।
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संगीेत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त नर्तक विद्वान राजेन्द्र गंगानी द्वारा कथक नृत्य पद्मश्री कलामंडपम में शाम पांच बजे ।
3- अक्षयवट मंच सेक्टर 4 में दिवारी पाई डंडा रमेश पाल,उपशास्त्रीय गायन श्वेता जोशी, भारतीय प्रस्तुति बाबा सत्य नारायण मौर्या की प्रस्तुति।
4-
भारद्वाज मंच सेक्टर 17 पर उपशास्त्रीय गायन पूरम शुभम, लोकगायन डा. लाल जी मौर्या, सरोद वादन पंं. विकास महाराज की प्रस्तुति।
5- यमुना मंच पर लोकनृत्य गौरव बाजपेयी, लोकगायन राजनाथ जोशी, गंगा पुत्र नृत्य नाटिका देवेन्द्र शर्मा, गायन अंजली द्विवेदी की प्रस्तुति।
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सरस्वती मंच पर भजन प्रभु दास पाण्डेय, लोकगीत रंजना त्रिपाठी, उडिय़ा लोक नृत्य संपत राय, सोलो तबला श्रीकांत शुक्ल, लिल्ली घोड़ी रत्नाकर द्विवेदी की प्रस्तुति।
7- अरैल घाट मंंच पर रबी दास बाउल द्वारा आउल नृत्य, बालाजी साहू द्वारा शंख वादन, राजू मोग द्वारा संगराई मोग की प्रस्तुति।