मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगानी शुरू कर दी है। श्रद्धालु देर रात से ही स्नान करने शुरू कर चुके हैं। हालांकि शाही स्नान 6 बजकर 15 मिनट से शुरू हुआ, लेकिन उससे पहले ही लोग घाटों पर जमकर स्नान किया। आइए हम आपको उनकी फोटो दिखाते हैं...
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5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में डुबकी लगाने का दावा किया जा रहा है। भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज आने वाले मार्गों पर वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। संगम जाने वाली सड़कों पर दो पहिया, चार पहिया वाहनों की इंट्री पूर्णतया रोक दी गई है, ताकि पैदल श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो सके।
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आस्था, विश्वास और कामनाओं के संगम में कुंभ के दूसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व के मौनी अमावस्या पर आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं से संगम क्षेत्र ठसाठस भर गया है।
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दिव्य, भव्य और सुरक्षित आयोजन के रूप में विश्व पटल पर कुंभ के प्रचार का भी असर दिखा।
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रविवार को पूरे दिन इलाहाबाद जंक्शन, नैनी, प्रयाग, दारगंज, फाफामऊ, झूंसी, रामबाग रेलवे स्टेशनों के अलावा सिविल लाइंस बस अड्डा से संगम की ओर से जाने वाली सड़कों पर सिर्फ सिर पर गठरी, कंधे पर झोला, हाथों में हाथ, एक-दूसरे का गमछा पकड़े श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा।
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शहर से कुंभ मेला के इंट्री प्वाइंट तक ही नहीं, फिर मेला क्षेत्र के अंदर तक सिर पर गठरी ही गठरी ही दिखाई दे रही है। बसों, ट्रैक्टर-ट्रालियों व निजी वाहनों को झूंसी, अंदावा, फाफामऊ, नेहरू पार्क के पास रोक दिए जाने से हर तरफ से पैदल कारवां उमड़ता रहा।
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संगम किनारे जमे श्रद्धालुओं ने 11 बजे रात के बाद से ही स्नान शुरू कर दिया और इसी के साथ आस्था के महाकुंभ में महास्नान का पर्व शुरू हो गया।