मेला क्षेत्र में कोल्ड डायरिया धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। जिसकी चपेट में कल्पवासी हैं। इनका इलाज कुंभ के केन्द्रीय चिकित्सालय में किया जा रहा है। अस्पताल में इनकी संख्या 80 से अधिक पहुंच गई है। इसके साथ सर्दी जुखाम, डिहाइड्रेशन, टायफायड और पेट दर्द के गंभीर रोगियों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। इसके लिए विभाग चिकित्सकों की टीम सेक्टरों में भेजकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं इलाज के लिए केंद्रीय अस्पताल आने वाले अधिकांश मरीजों की शिकायत है कि यहां डॉक्टर द्वारा लिखी गई सभी दवाइयां उपलब्ध नहीं है। कई दवाई मेला क्षेत्र से बाहर जाकर लानी पड़ रही है।
शहर में ठंड में बढ़ने के साथ कल्पवासियों की मुसीबतों बढ़ने लगी हैं। इसके चलते ठंड के लगने से सर्दी जुखाम, टायफायड, डीहाइड्रेशन, पेट दर्द, कोल्ड डायरिया का संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा। कुंभ क्षेत्र के सभी सेक्टरों में बने चिकित्सालयों में ऐसे मरीजों के आने-जाने का क्रम शुरू हो गया है। गंभीर होने पर इन्हें केन्द्रीय अस्पतालों में भेजा जा रहा है।
कुंभ मेला शुरू होने से लेकर अब तक केन्द्रीय चिकित्सालय में विभिन्न रोगों से पीड़ित 36,294 मरीजों ने पंजीकरण कराया है। अस्पताल में करीब दो हजार से अधिक लोग प्रति दिन इलाज के लिए आ रहे हैं। जिनमें सेक्टर 12, 15 के मरीजों की संख्या अधिक है। इसी में करीब अस्सी मरीज ऐसे आए जो कोल्ड डायरिया और बीस मरीज हार्ट के रहे। जिन्हें केन्द्रीय अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक दीपक सेठ ने बताया कि, कनकी हालत गंभीर होती है उन्हें शहर के सरकारी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कोल्ड डायरिया पर नियंत्रण करने के लिए चिकित्सकों की टीम सेक्टरों में जा रही है। इससे बचने के उपाय बताए जा रहे हैं।
दवा नहीं मिलने से तीमारदारों में आक्रोश
केन्द्रीय अस्पताल में दवा वितरण केन्द्र से दवा नहीं मिलने से तीमारदारों और मरीजों में आक्रोश है। आरोप लगा रहे हैं कि चिकित्सकों के दवा लिखने पर भी पूरी दवाएं नहीं मिल रही हैं। इस इसके चलते मरीजों को बाहर से दवा मंगानी पड़ रही है।