मौनी अमावस्या के लिए पांच घाट बढ़ा दिए गए हैं। संभावित भीड़ के मद्देनजर घाटों की संख्या दूसरे शाही स्नान पर 35 नहीं 40 होगी। संगम नोज पर स्नान के लिए छह किलोमीटर का घाट तैयार कराया गया है। शाही स्नान मार्गों पर बैरिकेडिंग की मजबूती पर जोर है। ट्रैफिक प्लान भी तैयार है कि कब, कहां कौन से वाहन रोके जाएंगे। मेला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर सभी कर्मचारियों की ट्रेनिंग का काम पूरा कर लिया है।
कुंभ मेला प्रशासन ने शाही स्नान के दौरान अखाड़ों को असुविधा न हो इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मेला क्षेत्र के सभी मार्गों पर चकर्ड प्लेटों को दुरुस्त कराने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। घाटों की संख्या बढ़ाने के साथ वहां पुआल की व्यवस्था की गई है ताकि फिसलन न हो। स्नान रात में ही शुरू हो जाएगा इसलिए घाटों पर अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था कराई गई है।
वाहनों पर प्रतिबंध चरणबद्ध
मौनी अमवस्या स्नान से पहले वाहनों को कब और कहां रोका जाएगा, इसका प्लान भीड़ को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। दो पहिया, चार पहिया के साथ बड़े वाहनों को रोकने की योजना तैयार कर ली गई है। भारी वाहनों का प्रवेश दो फरवरी से प्रतिबंधित किया जाएगा। भीड़ बढ़ने पर शहर में भी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया जाएगा।
शटल बसें, ई रिक्शा चलेंगे
पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र तक लाने के लिए शटल बसों का रूट तय कर दिया गया है। शटल बसें जहां यात्रियों को छोड़ेंगी, वहां से ई रिक्शा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
मेला के रैन बसेरों में पानी के साथ भोजन भी
मेला प्रशासन ने भीड़ के मद्देनजर कुंभ मेला क्षेत्र में बनाए गए रैन बसेरों में पानी के साथ भोजन की व्यवस्था कराने की तैयारी की है। यात्रियों को कंबल, रजाई भी दी जाएगी।
सभी अस्पतालों में पहुंचाई दवाएं
कुंभ के केंद्रीय अस्पताल सहित सभी सेक्टर अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता करा दी गई है। योजना के मुताबिक आपात स्थिति के लिए 1500 डिजास्टर किट अलग-अलग स्थानों पर पहुंचा कर एंबुलेंस चालकों को ड्यूटी चार्ट दे दिया गया है। 25 हेल्थ पोस्टों के साथ शहर के विभिन्न स्थानों पर 15 मोबाइल टीमें मुस्तैद रहेंगी। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के साथ स्नान घाटों पर डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी। रिवर एंबुलेंस पर डॉक्टरों संग टीम सदस्यों को ड्यूटी चार्ट दे दिए गए हैं।
कुं भ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि, मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो इसके पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। संगम नोज का दायरा और स्नान घाटों की संख्या बढ़ाकर सुविधाजनक बनाया गया है। आने और जाने वाले रास्तों पर यात्रियों के लिए संकेतक समेत अन्य जनसुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।