कुंभ मेला 2019 के लिए सरकार ने अरबों रुपये का बजट दिया, लेकिन गंगा और यमुना में गंदे नालों का गिरना बंद नहीं हुआ। इसके चलते कुंभ नगरी को प्रदूषण मुक्त नहीं किया जा सका। गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पवित्र जल में स्नान कराने की बात तो प्रशासन कर रहा है, लेकिन सच्चाई इससे इतर है। कुंभ नगरी से होकर बहने वाली गंगा और यमुना में नालों का गिरना अनवरत जारी है।
इस क्रम में रसूलाबाद में कई नाले गंगा में लगातार गिर रहे हैं। इन पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं है। रसूलाबाद में गंगा से मिलकर यह गंदा पानी संगम तक पहुंचता है। वहीं इस बार तो कुंभ मेला क्षेत्र फाफामऊ तक बसाया गया है।
इसके चलते वहां पर बसे हुए श्रद्धालु गंगा स्नान कर रहे हैं। अब यह जल कैसा है, इससे उनका कोई मतलब नहीं है। इसी प्रकार शहर पश्चिमी में यमुना के जल में भारी मात्रा में गंदा पानी गिराया जा रहा है।
इसके साथ ही अनेक गंदे नाले यमुना में गिर रहे हैं। इन सभी गंदे नालों का यह पानी भी वहां से चलकर सीधे संगम तक जा रहा है। जिससे संगम की पवित्रता प्रभावित हो रही है। अरैल क्षेत्र में बसे श्रद्धालु भी ऐसे ही जल में स्नान कर रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होना स्वाभाविक है।