फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुंभ 2019 : भरतनाट्यम, भजन, लोकगीत एवं लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

Thu, 31 Jan 2019 06:17 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
kumbh 2019
विज्ञापन

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र में सास्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत हरदोई की सुश्री वंदना गुप्ता के सुमधुर भजनों से हुआ। कुंभ व गंगा को समर्पित भजन ‘लहर-लहर लहराइ रे गंगा तोहरी सांस्कृतिक केन्द्ररिया' से किया। उनके द्वारा प्रस्तुत ‘रामजी रामजी रटन लागे जिभिया' तथा निर्गुण भजन ‘माटी के पुतले काहे को बिसारयो हरि नाम’ तथा होली गीत ‘मुरली चंग वजत डफ न्यारी-संग जुगति वृज नारी का गायन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विज्ञापन
Trending Videos

kumbh 2019
विकास श्रीवास्तव की इस गजल ‘हमारे बाद हाले गम सुनाने कौन आयेगा’ तथा भजन ‘माँ शेरावाली’ के गायन को श्रोताओं द्वारा सराहा गया। रेनू राज सिंह के लोकगीतों ने भी दर्शकों से संवाद स्थापित किया। भरत मुनि द्वारा प्रणीत नृत्य शैली में सुश्री प्रिया श्रीनिवासन द्वारा दक्षिण भारत के प्राचीन शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम के माध्यम से शिव एवं गंगा को समर्पित नृत्य को दर्शकों से भरपूर सराहना मिली।

kumbh 2019
आंध्र प्रदेश का शक्ति को समर्पित पारम्परिक नृत्य बोनालू की प्रस्तुति ने दक्षिण भारत की लोक संस्कृति एवं लोक आसथा का दर्शन कराया।संस्कृति मंत्रालय एवं क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों द्वारा संस्कृति कुम्भ ‘कलाग्राम’ तथा ‘चलो मन गंगा-यमुना तीर’ पंडाल, सेक्टर-19 अरैल में चल रहे सांस्कृतिक यज्ञ में देश-विदेश के हजारों दर्शकों ने भारत की विविधता को समीप से देशा।
विज्ञापन

kumbh 2019
लोगों ने चलो मन गंगा-यमुना तीर के पंडाल में दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र तंजाउर द्वारा आयोजित प्रदर्शनकारी कलारूपों की मंचीय प्रस्तुतियों की सराहना किया। कलाग्राम का शिल्पहाट आज दर्शकों से भरा रहा। लोगों ने भारतीय लोक शिल्प की विविधता को देखा तथा खरीददारी भी किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें