अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर गरमाई सियासत के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को संतों के बीच होंगे। प्रयागराज आ रहे शाह अखाड़ा परिषद तथा अन्य प्रमुख संतों से मुलाकात करेंगे। एक दिन का उनका पूरा कार्यक्रम निजी और आध्यात्मिक बताया जा रहा है, लेकिन सियासी कुंभ में संतों संग उनकी हर डुबकी हिंदुत्व को एजेंडे को धार देने के लिए होगी। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी आने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि कुंभ क्षेत्र में विहिप की धर्म संसद में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण मुख्य मुद्दा रहा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में परिषद ने प्रस्ताव पारित कर भाजपा को छह महीने की मोहलत दी थी। वहीं इससे अलग शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी अयोध्या कूच की घोषणा की है। संतों के अलग-अलग शिविर से भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर लगातार बयान आए। लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह से संतों की अलग-अलग रणनीति से भाजपा की चिंता बढ़ गई है।
amit shah
हालांकि केंद्र के सहयोग से सूबे की भाजपा सरकार ने कुंभ को दिव्य और भव्य बनाकर हिंदू एजेंडे को धार देने की कोशिश की है। लेकिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर वह अभी संतों की नाराजगी कम नहीं कर सकी है। अमित शाह के बुधवार को प्रयागराज दौरे को इन्हीं पहलुओं से जोड़कर देखा जा रहा है। शाह पूरे दिन मेला क्षेत्र में रहेंगे और संतों से मिलेंगे। शहर में उनका कोई भी कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं है। इस दौरान वह सभी अखाङ़ों में जाकर संतों का आभार व्यक्त करेंगे। जूना पीठाधीशवर अवधेशानंद नंद गिरि के शिविर में भोजन का कार्यक्रम संभावित है। इसके अलावा अमित शाह का संगम में डुबकी लगाने का भी कार्यक्रम है। इस दौरान स्थानीय पदाधिकारियों को उनसे दूर रखा जाएगा। करीबी नेता ही उनके साथ होंगे।
modi in kumbh
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का भी तैयार होगी रूपरेखा
लोकसभा चुनाव में कुंभ बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है। भव्य आयोजन के अलावा कैबिनेट मंत्रियाों संग मुख्यमंत्री की संगम में डुबकी और कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक के साथ इसकी जमीन भी तैयार कर ली गई है। नेताओं का मानना है कि जातिगत सियासत के बीच भाजपा को इन धार्मिक स्थलों की प्रतीकात्मक राजनीति के माध्यम से ही बढ़त दिलाई जा सकती है। इन चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी पूरी कैबिनेट के साथ संगम में डुबकी लगाने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि बुधवार को आ रहे अमित शाह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भी रूपरेखा तैयार करेंगे।