प्रवासी भारतीय फिल्म अदाकारा सांसद हेमा मालिनी की नृत्य के मुरीद हैं। वाराणसी में गंगावतरण की प्रस्तुति देखने वाले मेहमानों ने प्रयागराज में भी हेमा मालिनी का नृत्य देखने की इच्छा जताई है। इसके लिए उनके लिए चलाई जा रहीं विशेष ट्रेनों के समय में भी फेरबदल किया जा सकता है।
तीन दिनों तक चले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में हेमा मालिनी ने गंगावतरण पर नृत्य प्रस्तुत किया था। एक और संयोग बनने जा रहा है जब मंच पर हेमा मालिनी होंगी और उनकी प्रस्तुति को देखने का मौका मेहमानों को भी मिलेगा। संस्कृति विभाग के मंच पर बृहस्पतिवार को हेमा मालिनी का कार्यक्रम होगा।
इसके लिए हेमा मालिनी बुधवार को ही कुंभ नगरी पहुंच गईं। 3200 सदस्यीय प्रवासी भारतीयों का दल भी बृहस्पतिवार को यहां मौजूद रहेगा। इनमें से कई मेहमानों ने हेमा मालिनी का नृत्य देखने की इच्छा जताई जताई है। उनकी यह इच्छा पूरी भी की जाएगी। इसके लिए अफसरों की विशेष टीम बनाई गई है। आयोजन से जुड़े एक अफसर ने बताया कि संस्कृति विभाग के पांडाल तक ले जाने से लेकर ट्रेन पकड़ाने की जिम्मेदारी उन पर होगी।
चूंकिं पहली ट्रेन रात सात और दूसरी 8.25 बजे रवाना होगी और सात ही बजे हेमा मालिनी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। ऐसे में ट्रेनों की रवानगी के समय को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा कई मेहमानों ने अखाड़ों और साधु-संतों के शिविर में भी जाने की इच्छा जताई है। प्रवासी भारतीयों को अखाड़ों, साधु संतों के शिविर में भी ले जाया जाएगा।
प्रवासी भारतीयों के स्वागत की तैयारियाें की कमान स्वयं विदेश मंत्रालय की टीम ने संभाल ली है। विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह उनके साथ होंगे। वहीं विभाग के अफसरों ने बुधवार को कुंभ मित्रों, लाइजन ऑफिसर्स तथा अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। मेहमानों के भ्रमण के दौरान कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, सुरेश खन्ना आदि भी मौजदू रहेंगे।
कुंभ मित्र के रूप में तैनात इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 250 छात्र-छात्राएं पूरे समय प्रवासी भारतीयों के साथ रहेंगे। विदेश मंत्रालय की टीम ने पुलिस लाइन में उन्हें प्रशिक्षित किया। इनके साथ 100 लाइजन अफसर भी रहेंगे। उन्हें भी प्रशिक्षित किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक एसएन साबत, मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल, डीएम सुहास एलवाई आदि अफसरों ने बुधवार को तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने कुंभ क्षेत्र से लेकर रेलवे स्टेशन तक निरीक्षण किया। भारत सरकार के सलाहकार राकेश शुक्ला ने बताया कि स्थानीयता के साथ प्रवासी भारतीयों की रुचि का भी विशेष ध्यान रखा गया है। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि अतिथियों का हर जगह ढोल नगारा से स्वागत किया जाएगा। कुंभ पर आधारित स्मृति चिह्न, पेन ड्राइव आदि दिए जाएंगे। पेन ड्राइव में कुंभ की पूरी कहानी होगी।