कुंभ में खपाने को तैयार 2.86 लाख रुपये के नकली नोट बरामद करते हुए पुलिस ने इसे बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन बदमाशों को इन नोटों समेत लैपटॉप, स्कैनर एवं स्याही की तमाम शीशियों के साथ गिरफ्तार किया है। लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया।
पुलिस को कई दिनों से कुंभ क्षेत्र में नकली नोट खपाने की सूचना मिल रही थी। जार्जटाउन इंस्पेक्टर निशिकांत राय की अगुवाई में गठित पुलिस टीम ने बुधवार दोपहर अल्लापुर रामलीला पार्क के पास अमरेंद्र कुमार पटेल को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से 29 हजार के नकली नोट बरामद हुए। इनमें दो हजार एवं पांच सौ रुपये के नकली नोट थे। पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तब उसने अपने दूसरे साथियों के बारे में भी बता दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हीरा हलवाई चौराहे के पास स्थित चंपा दुबे भवन पर छापा मारा। वहां एक कमरे में व्यापक पैमाने पर नकली नोट बनाने का काम चल रहा था। दो बदमाश नकली नोटों की छपाई में जुटे थे। पुलिस ने इनके पास से दो हजार, पांच सौ, दो सौ एवं पचास रूपये के नई डिजाइन एवं सौ रूपये के पुरानी डिजाइन वाले नकली नोट बरामद किए हैं।
इनके पास से लाल, क्रीम एवं सफेद रंग के कागज के साथ विभिन्न रंग की करीब 15 स्याही से भरी शीशियां भी बरामद हुई हैं। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वह लोग नए नोट की डिजाइन के मुताबिक स्कैन करते थे और उसे रात को और भीड़भाड़ के समय कुंभ मेले में चलाया करते थे। पकड़े गए बदमाशों में अजय वर्मा, काली प्रसाद निवासी झलवा, दीपक कुमार श्रीवास्तव निवासी मालवीय नगर के रहने वाले हैं। लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस ने इस सभी को जेल भेज दिया।
ऑनलाइन मंगाई थी स्याही और कागज
नकली नोट बनाने वालों में झलवा निवासी अजय वर्मा सबसे अधिक जानकार था। उसने बीटेक की डिग्री हासिल की हुई और डिजाइन बनाने का काम वही करता था। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि कागज एवं स्याही के बारे में पहले उन लोगों ने गूगल से जानकारी एकत्रित की। उसके बाद यह सारी समाग्री उन लोगों ने ऑनलाइन ही मंगवाई। पुलिस के मुताबिक इन लोगों ने कई बार यह कागज मंगवाया है।