याची सभी वाद हाईकोर्ट में या जिला जज की एक अदालत में स्थानांतरित करने की प्रार्थना की है, ताकि अलग-अलग अदालती कार्यवाही से विरोधाभास उत्पन्न न होने पाए। इससे पक्षकारों को भी सुविधा होगी। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता पुनीत गुप्ता ने अर्जी की पोषणीयता पर आपत्ति की। कहा, याची को अन्य पक्षकारों को सुनवाई का अवसर न देकर अकेले केस स्थानांतरित करने की मांग का अधिकार नहीं है। याची को अनुच्छेद 228 में मुख्य न्यायाधीश के समक्ष अर्जी दाखिल करनी चाहिए।