प्रयागराज। कर्नलगंज में केपीयूसी हॉस्टल से लेकर यूनियन भवन तक विवादित पोस्टर लगे मिले। जानकारी पर पुलिस ने पहुंचकर इन पोस्टरों को हटवाया। जिनमें पशुपालन विभाग व 69 हजार शिक्षक भर्ती धांधली के आरोपियों की तस्वीरों संग सीएम व मंत्री की फोटो छपी हुई थी। साथ ही आपत्तिजनक बातें भी लिखीं मिलीं। पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कर्नलगंज में शुक्रवार सुबह केपीयूसी हॉस्टल से लेकर यूनियन भवन तक सड़क के दोनों ओर विवादित पोस्टर लगे मिले। इनमें पशुुपालन विभाग में धांधली मामले के आरोपी अनिल राय व 69ह जार शिक्षक भर्ती मामले में वांछिल चंद्रमा यादव की तस्वीर सीएम व मंत्री के साथ दिखाई गई है। साथ ही आपत्तिजनक बातें भी लिखी हुई थीं। जानकारी पर इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण कुमार त्यागी पहुंचे और तत्काल पोस्टरों को निकलवाकर कब्जे में ले लिया। इसके बाद विवि चौकी प्रभारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच की जा रही है। सबसे खास बात यह रही कि जो पोस्टर कर्नलगंज में लगवाए गए, उनके ठीक मिलते जुलते पोस्टर ही करीब 10 दिन पहले लखनऊ में वीवीआईपी गेस्ट हाउस की दीवारों पर चिपकाए गए थे। जिसमें लखनऊ पुलिस भी मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।
13 दिन बाद भी नहीं मिला चंद्रमा
प्रयागराज। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के भंडाफोड़ के बाद जांच में जुटी एसटीएफ 13 दिन बाद भी वांछित नकल माफिया चंद्रमा यादव व गिरोह के अन्य सदस्यों का पता नहीं हासिल कर सकी है। नकल गिरोह के सदस्य एसटीएफ के तेजतर्रार अफसरों को भी चकमा देने में कामयाब हैं। बता दें कि मामले में सोरांव पुलिस सरगना केएल पटेल समेत 11 को जेल भेज चुकी है और इसके बाद विवेचना एसटीएफ को सौंप दी गई थी। लेकिन इसके बाद से एक भी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।