कियाना जोशी माता-पिता और दादा दादी के साथ।
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सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी की पौत्री कियाना जोशी की अस्थियों का शनिवार को हरिद्वार में विसर्जन होगा। इसके लिए डॉ.रीता पति पूरन चंद्र जोशी, भाई शेखर बहुगुणा, बेटे मयंक, और बहू ऋचा जोशी के साथ अस्थि कलश लेकर शुक्रवार को दिल्ली रवाना हो गईं। उधर, शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। मंत्री सुरेश खन्ना, सतीश द्विवेदी आदि ने डॉ.रीता जोशी को फोन कर शोक संवेदना व्यक्त की। प्रोफेसर रामसेवक, फरहान उल्लाह, पार्षद तस्लीमुद्दीन, आईजी केपी सिंह आदि ने भी शोक संवेदना प्रकट की।
- ‘मेरी छह वर्षीय पौत्री कियाना जोशी की दु:खद मृत्यु पर देशभर से संवेदना व्यक्त करने वाले सभी राजनीतिक दलों के गणमान्य नेताओं, सामाजिक संगठनों, रिश्तेदारों, मित्रों व शुभ चिंतकों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। असहनीय पीड़ा के इस मौके पर आपकी सांत्वना से हिम्मत मिली। अब मेरी मात्र इतनी विनती है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों को आग के खेल से दूर रहने की सीख दें। आप कल्पना करें कि छह वर्ष की मेरी पौत्री, भाई दूज के दिन दो बजे दोपहर में अपने ननिहाल में बैठकर ड्रांइग कर रही थी। एक अन्य आठ वर्षीय बच्ची माचिस लेकर अपनी टूटी क्रेयान को जोड़ने की कोशिश कर रही थी कि आंच लगते ही उसने जलती माचिस की तीली फेंकी जो दो फीट दूर बैठी अनजान कियाना के ऊपर जा गिरी और उसे आग की लपटों ने लपेट लिया। समस्त चिकित्सीय प्रयास के बाद भी उस नन्हीं सी बच्ची को हम नहीं बचा सके। यदि मेरी सीधी-सादी पौत्री हादसे की शिकार हुई तो मेरी विनती है कि सभी बच्चों को आग और पानी के खेल से दूर रहने की शिक्षा दें। ताकि, भविष्य में और किसी का घर न उजड़े।’ - डॉ. रीता बहुगुणा जोशी - सांसद