संगम की रेती पर दुनिया के लिए अविस्मरणीय होगा महाकुंभ: केशव मौर्य
आराधना महोत्सव में राम मंदिर निर्माण के लिए कार सेवाकों के संघर्षों की गौरव गाथा का बखान
प्रयागराज। आराधना महोत्सव में ज्योतिष्पीठ के उद्धारक स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती की जयंती पर शनिवार को अलोपीबाग शंकराचार्य आश्रम पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महाकुंभ-2025 को दुनिया के लिए अविस्मरणीय बनाने की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ अनूठा होगा। इसके लिए सरकार व्यापक तैयारियों में जुट गई है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए हुए कार सेवा के रूप में बड़े आंदोलनों की गौरव गाथा का भी जिक्र किया।
आराधना महोत्सव में डिप्टी सीएम दोपहर एक बजे पहुंचे। वहां उन्होंने संतों की स्मृति में आयोजित समारोह में महाकुंभ की तैयारियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में महाकुंभ से पहले भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। इनके बाद श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में व्यास जितेंद्र नाथ ने बताया कि भगवान अपने भक्तों का दुख नहीं देख सकते। भक्त-भगवान का प्यार मां- बेटे की तरह है। मनुष्य को भी प्रतिदन प्रेमभक्ति के साथ ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। ईश्वर प्राप्ति का ज्ञान और मार्ग गुरु बताता है। इस गुरु के चरणों की वंदना करनी चाहिए।
कथा मर्मज्ञ ने संगीतमय शैली में भागवत कथा के गूढ़ तत्वों का बड़ा ही सरल चित्रण किया। उन्होंने भक्ति, साधना और पुरूषार्थ पर रोशनी डाली। इनसे पहले जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने कहा कि सनातन वैदिक धर्म का मूल गुरु परंपरा है, जो नारायण, ब्रह्मा, शंकर से चलकर भगवान शंकराचार्य से होती आगे बढ़ी है। इस महोत्सव में पंजाब, महाराष्ट्र, जयपुर, मध्य प्रदेश, गुजरात समेत कई राज्यों के श्रद्धालु पहुंचे थे। इस मौकेपर स्वामी शंकरानंद सरस्वती, स्वामी शिवानंद सरस्वती, स्वामी विनोदानंद सरस्वती, ब्रह्मचारी आत्मानंद, पं. शिवार्चन उपाध्याय, आचार्य अभिषेक मिश्रा, आचार्य विपिन मिश्रा, वेद प्रकाश शर्मा समेत तमाम लोग उपस्थित थे।