श्रावण मास 14 जुलाई से आरंभ हो रहा है। दो साल बाद फिर से इस साल कांवड़ियों का रेला उमड़ेगा। पूरे सावन माह तक झूंसी शास्त्री पुल से होकर भोलेनाथ के हजारों कांवड़िए काशी विश्वनाथ को जल चढ़ाने वाराणसी जाते हैं। सावन माह शुरू होने में दो दिन शेष हैं। लेकिन, जर्जर सड़कों और कांवड़ मार्ग पर फैली गंदगी और कूड़े के ढेर हटाने प्रशासन की नींद टूटी नहीं है। शास्त्री पुल से लेकर पूरे वाराणसी मार्ग पर जर्जर और सड़कें कांवड़ियों की परीक्षा लेंगी।
कोरोना के कारण पिछले दो साल से कांवड़ यात्रा स्थगित थी। पर इस साल से कांवड़ यात्रा धूमधाम से निकाले जाने की तैयारी है। सावन माह शुरू होने में दो दिन बचा है। इसके बावजूद कांवड़ियों के लिए सुरक्षित लेन की सड़कें दुरुस्त नहीं कराई गई हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसरों की अनदेखी के कारण दारागंज से जल लेकर वाराणसी रवाना होने के बीच शास्त्री पुल पर ही कांवड़ियों को ऊबड़-खाबड़ मार्ग से होकर गुजरना होगा । सैदाबाद निवासी विपिन्न मिश्र और गणेश केसरवानी का कहना है कि सैदाबाद और हनुमानगंज में हाईवे की सड़क कई जगहों से खराब है। इसके साथ ही प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं कराई गई है।
झूंसी निवासी प्रेम कुमार और रवि वर्मा का कहना है कि सावन से पहले शास्त्री पुल की खराब सड़क पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हालत यह है कि थोड़ी सी बारिश होने पर सड़क पर पानी भर जाता है। कई जगहों पर तो की गई पैचिंग भी उखड़ गईं हैं। वहीं हंडिया और बरौत में हाईवे की सड़क पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था न होने से कांवड़ियों को अंधेरे में होकर गुजरना पड़ेगा।
झूंसी में हाईवे के डिवाइडर पर जगह जगह की गई बैरिकेडिंग
सावन महीने और कांवड़ यात्रा के शुरू होने के तीन दिन पहले रविवार को झूंसी पुलिस ने प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर जगह-जगह लकड़ी की बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई। झूंसी में हाईवे के किनारे झूंसी पुलिया के पास, झूंसी पेट्रोल पंप के सामने, अनवर मार्केट के सामने तथा अन्य जगहों पर लकड़ी की बल्ली को रस्सी से बांधकर बैरिकेडिंग कर दी गई। अब हाईवे की एक लेन से ही दोनों ओर के वाहनों को तकरीबन एक महीने तक गुजारा जाएगा।