कस्तूरबा विद्यालयों में 10-10 कंप्यूटर की लैब तैयार हो चुकी है। इसमें आईआईटी गांधीनगर की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित हो रही थीं, लेकिन महज दो जीबी डाटा होने के कारण कक्षा पूरी होने से पहले ही डाटा खत्म हो जाता था। ऐसे में विद्यार्थियों की क्लास पूरी नहीं हो पाती थी। इसलिए इन विद्यालयों में वाई-फाई की सुविधा जल्द देने की तैयारी है।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय जल्द ही वाई-फाई से लैस होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी है। विद्यालय में बगैर किसी बाधा के विद्यार्थी वाई-फाई से इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकें, इसके लिए ब्रॉडबैंड की सुविधा दी जाएगी। वहीं, जिन विद्यालयों में ब्रॉडबैंड नहीं लग पाएगा, वहां रेडियो फ्रिक्वेंसी टॉवर लगाए जा रहे हैं।
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कस्तूरबा विद्यालयों में 10-10 कंप्यूटर की लैब तैयार हो चुकी है। इसमें आईआईटी गांधीनगर की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित हो रही थीं, लेकिन महज दो जीबी डाटा होने के कारण कक्षा पूरी होने से पहले ही डाटा खत्म हो जाता था। ऐसे में विद्यार्थियों की क्लास पूरी नहीं हो पाती थी। इसलिए इन विद्यालयों में वाई-फाई की सुविधा जल्द देने की तैयारी है।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि रेडियो फ्रिक्वेंसी टॉवर से इंटरनेट के संचालन का अधिकार बीएसए कार्यालय के पास रहेगा। इससे विद्यालय के बच्चों से गूगल मीट के जरिए कभी भी सीधे बात करके विद्यालय में चल रही गतिविधियों की जानकारी भी ले सकेंगे। रीयल टाइम में यह भी पता चल सकेगा कि विद्यालय में खाने में क्या बना है और कितनी कक्षाएं संचालित हुई हैं।
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उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए सुपर-30 ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था कराने की भी तैयारी चल रही है। इससे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। इसके लिए बजट का इंतजार हो रहा है। बजट आते ही अन्य जरूरी सुविधाएं कस्तूरबा विद्यालयों में बढ़ाई जाएंगी।