10 मई से पहले किया जाएगा निरीक्षण
बताया गया कि मामले में वाराणसी की जिला अदालत ने हाल ही में एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था, जहां पर विवादित स्थल के निरीक्षण और वीडियोग्रॉफ्री के लिए आयुक्त द्वारा श्रंगार गौरी और अन्य देवी-देवताओं के विग्रह मौजूदगी को लेकर साक्ष्यों का संकलन करना है। सुरक्षा की वजह से पूर्व में तय किए गए निरीक्षण की कार्रवाई को रोक दिया गया है। अब यह निरीक्षण 10 मई के पहले कर पूरी रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश होगी।
इस प्रकरण को लेकर मंदिर पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि यदि आप सभी सबूतों और तथ्यों को देखें तो ज्ञानवापी मस्जिद चारों तरफ से चारदीवारी से घिरी हुई है जो कि मस्जिद से काफी पुरानी है, यह चहारदीवारी मंदिर का हिस्सा है। दोपहर के बाद हुई सुनवाई समय की कमी के कारण पूरी नहीं की जा सकी। अब इस प्रकरण की सुनवाई इसी कोर्ट में आगे भी जारी रहेगी।