मंदिर की मूल डिजाइन में बदलाव नहीं
चंपत राय से मंदिर की मूल डिजाइन बदले जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंदिर की मूल डिजाइन में बदलाव नहीं किया गया है। जब मंदिर आंदोलन चल रहा था तब विहिप 1500 वर्ग गज पर मंदिर निर्माण की बात हो रही थी। तब उसी के अनुसार मॉडल तैयार किया गया। पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने राममंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया तो ट्रस्ट के पास 70 एकड़ जमीन हो गई।
इसी वजह से मंदिर का निर्माण तीन एकड़ में होगा। इसकी ड्राइंग में आंशिक परिवर्तन किया गया है, लेकिन मूल ढांचा में बदलाव नहीं है। मंदिर में एक मंजिल बढ़ी है। खंभों की ऊंचाई भी बढ़ी है। मंदिर निर्माण के लिए 1200 पाइलिंग होगी। हर एक पाइलिंग का घेरा एक मीटर का होगा। इसकी गहराई 100 फीट तक होगी। दो पाइलिंग बनाई जा चुकी है। मंदिर की मजबूती के लिए सीमेंट में अभ्रक और राख मिलाने पर विचार चल रहा है। मंदिर निर्माण के लिए एलएंडटी ने आईआईटी चेन्नई और सीबीआरआई रुड़की का भी सहयोग लिया है।