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राम मंदिर निर्माण होने तक काशी, मथुरा एजेंडे में नहीं : चंपत राय

Fri, 02 Oct 2020 07:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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चंपत राय - फोटो : अमर उजाला
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विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को कहा कि अभी विहिप का पूरा जोर अभी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर है। अगले तीन वर्ष में मंदिर का निर्माण संभव है। राम मंदिर निर्माण होने तक विहिप के एजेंडे में काशी और मथुरा नहीं है। चंपत राय ने यह बात विहिप काशी प्रांत के प्रांतीय कार्यालय केसर भवन में कही।

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केसर भवन में विहिप लखनऊ क्षेत्र के चार प्रांतों के पदाधिकारियों की बैठक में शिरकत करने आए चंपत राय से जब संवाददाताओं ने काशी और मथुरा पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि समझदारी इसी में है कि जब तक एक काम पूरा न हो जाए, दूसरे काम में हाथ न लगाया जाए। अभी हमारा मुख्य फोकस अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण ही है।

ऐसे में काशी हो या फिर मथुरा, उसके बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता। हाथरस में दलित युवती के साथ हुए रेप मामले में चंपत राय ने कहा कि विहिप की सरकार से मांग है कि दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक समाज ने महिलाओं के प्रति सोच का दृष्टिकोण भी बदल दिया है। 

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ram mandir - फोटो : अमर उजाला

मंदिर की मूल डिजाइन में बदलाव नहीं

चंपत राय से मंदिर की मूल डिजाइन बदले जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंदिर की मूल डिजाइन में बदलाव नहीं किया गया है। जब मंदिर आंदोलन चल रहा था तब विहिप 1500 वर्ग गज पर मंदिर निर्माण की बात हो रही थी। तब उसी के अनुसार मॉडल तैयार किया गया। पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने राममंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया तो ट्रस्ट के पास 70 एकड़ जमीन हो गई।

इसी वजह से मंदिर का निर्माण तीन एकड़ में होगा। इसकी ड्राइंग में आंशिक परिवर्तन किया गया है, लेकिन मूल ढांचा में बदलाव नहीं है। मंदिर में एक मंजिल बढ़ी है। खंभों की ऊंचाई भी बढ़ी है। मंदिर निर्माण के लिए 1200 पाइलिंग होगी। हर एक पाइलिंग का घेरा एक मीटर का होगा। इसकी गहराई 100 फीट तक होगी। दो पाइलिंग बनाई जा चुकी है। मंदिर की मजबूती के लिए सीमेंट में अभ्रक और राख मिलाने पर विचार चल रहा है। मंदिर निर्माण के लिए एलएंडटी ने आईआईटी चेन्नई और सीबीआरआई रुड़की का भी सहयोग लिया है। 
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ram mandir - फोटो : अमर उजाला

भूमि पूजन में न बुलाने से संतों में नाराजगी

चंपत राय ने शुक्रवार को स्वीकारा की अयोध्या में हुए भूमि पूजन के दौरान बहुत से संतों को सोशल डिस्टेसिंग की वजह से आमंत्रित नहीं किया जा सका। इस वजह से संतों में नाराजगी है। कहा कि पांच अगस्त को जब पीएम मोदी ने अयोध्या में भूमि पूजन किया तो वहां 50 संत अयोध्या के और 100 संत देश के अन्य स्थानों से आमंत्रित किए गए थे।

अब दिल्ली में 10 एवं 11 नवंबर को विहिप की संतों के साथ बैठक होगी। इसमें 300 संतों को आमंत्रित किया है। उनकी जो नाराजगी है उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। संत हमारे ही परिवार के पूज्यनीय सदस्य है। चंपत राय ने कहा कि एक संत ने सलाह दी है कि देश के 11 करोड़ हिंदू परिवारों को मंदिर निर्माण के लिए जोड़ा जाए। इसके लिए उनका अंशदान भी लिया जाए। यह सब विचार भी दिल्ली में होने वाली बैठक में होगा।
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