प्रयागराज। भगवान शिव के तीन ज्योर्तिलिंगों को आपस में जोड़ने वाली ‘काशी महाकाल एक्सप्रेस’ रविवार 23 फरवरी को पहली बार इलाहाबाद जंक्शन आएगी। इस ट्रेन का ट्रायल रन वाराणसी-इंदौर वाया लखनऊ रूट पर रविवार 16 फरवरी को होगा, जबकि इसका नियमित संचालन बृहस्पतिवार 20 फरवरी को होगा। सप्ताह में दो दिन ट्रेन वाया लखनऊ एवं एक दिन इलाहाबाद जंक्शन के रास्ते चलेगी।
काशी महाकाल एक्सप्रेस में एसी थ्री श्रेणी के नौ, दो एसएलआर और एक पेेंट्रीकार यानी ट्रेन में कुल 12 कोच होंगे। जरूरत पड़ने पर छह कोच बढ़ाए जा सकेंगे। इलाहाबाद जंक्शन पर यह ट्रेन प्रत्येक रविवार को आएगी। वाराणसी से गाड़ी संख्या 82403 प्रत्येक रविवार दिन में 3.15 बजे चलेगी जो शाम 5.30 बजे इलाहाबाद जंक्शन पहुंच जाएगी। अगले दिन सुबह आठ बजे ट्रेन उज्जैन और सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंच जाएगी। वापसी में गाड़ी संख्या 82404 प्रत्येक सोमवार सुबह 10.55 बजे इंदौर से चलेगी जो 12.00 बजे उज्जैन रात 2.25 बजे इलाहाबाद जंक्शन और सुबह 5.00 बजे वाराणसी पहुंच जाएगी।
टिकट के साथ कर सकेंगे बाबा के रूद्राभिषेक के लिए भुगतान
श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन पूजन के इच्छुक यात्री टिकट के साथ पूजा आने वाले खर्च का भी भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए आईआरसीटीसी ने काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद से संपर्क साधा है। यात्री अगर चाहेंगे तो वह आईआरसीटीसी के जरिये मंगला आरती और रूद्राभिषेक का टिकट भी प्राप्त कर सकेंगे। ऐसी ही सुविधा महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर में दर्शन पूजन करने के लिए भी मिलेगी।
खास बातें
आईआरसीटीसी के वेबसाइट से आनलाइन भी टिकट बुक कराए जा सकेंगे।
तेजस की तरह महाकाल एक्सप्रेस में विंडो टिकट नहीं मिलेगा।
स्टेशन पर पहुंचने से एक घंटे और ट्रेन चलने से पांच मिनट पहले यात्री करेंट काउंटर से टिकट
यात्रियों को दस लाख रुपये का ट्रैवेल इंश्योरेंस और लगेज पार्सल की सुविधा भी मिलेगी।
काशी महाकाल एक्सप्रेस में किराये में ही खान-पान का चार्ज जुड़ा रहेगा।
इलाहाबाद में मिलेगा नाश्ता, कानपुर में मिलेगा रात का भोजन
अगले दिन सुबह चाय-नमकीन और इंदौर पहुंचने पर पोहा परोसा जाएगा।