सेंट्रल जेल नैनी के कैदियों के लिए करवरिया बंधु अपने फुफेरे भाई के साथ मिलकर प्रतिदिन 140 रुपये का दान करेंगे। इसमें चौंकने वाली जैसी बात नहीं, यह रकम वह अपने घर से लाकर नहीं देंगे बल्कि जेल के अंदर कैदियों को पढ़ाने एवं अन्य कार्य के मेहनताने के रूप में मिलने वाले दैनिक भत्ते को उन लोगों ने खुद लेने के बजाय कैदियों के कल्याणार्थ खर्च करने की गुजारिश जेल प्रशासन से की है।
गौरतलब है कि जवाहर पंडित हत्याकांड में दोष सिद्ध होने के बाद गत चार नवंबर को आजीवन करावास की सजा से दंडित किए गए पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व बीजेपी विधायक उदयभान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया और उनके फुफेरे भाई रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू नैनी सेंट्रल जेल के मालवीय सदन में रखे गए हैं।
सजा मिलने के बाद जेल में तीनों करवरिया बंधुओं और कल्लू उर्फ रामचंद्र को क्रमश: कैदी नंबर 511, 512, 513 एवं 514 के तहत कन्विक्ट रजिस्टर में इंट्री की गई थी। कैदी नंबर देने के बाद करवरिया बंधुओं को जेल के अंदर कार्य के रूप में अल्पशिक्षित कैदियों को पढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया है। उनके फुफेरे भाई रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू को खेती के कार्य में लगाया गया है।
जिसमें कपिल मुनि करवरिया सर्किल दो, उदयभान करवरिया सर्किल एक और सूरजभान करवरिया सर्किल चार के कैदियों को प्रतिदिन दो पालियों क्रमश: 10 से 12 बजे और शाम को 04 से 06 बजे तक पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बात मेहनताने की आई तो तीनो भाइयों ने जेल प्रशासन को लिखित रूप से दे दिया है कि जेल के अंदर वो जो भी कार्य करेंगे नि:शुल्क करेंगे। मेहनताने के रूप में मिलने वाले पैसे को उन्होंने जेल के कैदियों के कल्याण कार्य में लगाने की गुजारिश जेल प्रशासन से की है।
करवरिया बंधु कुशल तो फुफेरे भाई अद्र्ध कुशल कैदी की श्रेणी में
सेंट्रल जेल के सजायाफ्ता कैदियों के लिए जेल मैनुअल के मुताबिक सारी चीजे पहले से निर्धारित हैं। जिसमें पहनने के लिए कुर्ता पायजामा के साथ-साथ शारीरिक एवं बौद्धिक स्थिति के अनुसार कार्य करने कराने का का नियम भी शामिल है। इसमें जेल प्रशासन कैदियों को तीन कैटेगरी में बांट कर कार्य कराता है और उसी के अनुसार दैनिक भत्ते के रूप में उनके मेहनताने का भुगतान करता है।
डीआईजी जेल वीआर वर्मा के मुताबिक जेल में कैदियों को कार्य कराने के लिए जो तीन कैटेगरी बनाई गई है, उसमें कुशल, अद्र्धकुशल एवं अकुशल। किसी भी कार्य में पारंगत कैदी को कुशल श्रेणी में रखा जाता है और उसका दैनिक भत्ता 40 रुपये बनता है। इनमें शिक्षक, रसोईया, मिस्त्री आदि आते हैं। अर्धकुशल कम प्रशिक्षित कैदी होते हैं, जिन्हें 30 से 35 रुपये दैनिक भत्ता मिलता है, इनमें गौशाला में दूध निकालने, खेती के कार्य की मानीटरिंग करने आदिं कार्य करने वाले कैदी आते हैं और अकुशल में अप्रशिक्षित कैदी आते हैं, इनसे कृषि कार्य कराया जाता है और इन्हें दैनिक भत्ते के रूप में 25 रूपये दिए जाता है।
जेल में सजायाफ्ता कैदियों को प्रतिदिन के कार्य के अनुसार मेहनताना भत्ता दिया जाता है। करवरिया बंधु कुशल कैदियों की श्रेणी में आते हैं। उनके साथ चौथे कैदी ने भी मेहनताना लेने से इनकार किया है। चारों लोगों ने अपना मेहनताना कैदी कल्याणकारी कोष में जमा करने को कहा है।
हरिबक्श सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक