कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रयागराज पुलिस ने कमर कस ली है। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर पहली बार हाई रेजोल्यूशन के ड्रोन कैमरे से 24 घंटे कांवड़ियों की निगरानी की जाएगी।
ये ड्रोन कैमरे विशेष रूप से वाराणसी से मंगाए गए हैं। इनका सेटअप झूंसी थाने में स्थापित किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य है कि कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे हादसामुक्त जोन रहे।
कांवड़ यात्रा के दौरान 30 जुलाई से 29 अगस्त तक प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर वनवे यातायात रहेगा। पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को झूंसी से हनुमानगंज, हंडिया व बरौत तक कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग ने हाईवे पर गड्ढों को तेजी से भरा, अवैध कट बंद किए और बंद पड़ी नालियों को भी खोला।
वाराणसी हाईवे के एक लेन के तिराहे और चौराहे पूरी तरह कांवड़ियों के लिए सुरक्षित किए गए हैं। दूसरी लेन से माह भर तक दोनों ओर के वाहनों का आवागमन सुनिश्चित किया गया है।
कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर विभिन्न तिराहे और चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन से भी कांवड़ियों की निगरानी होगी।
एसीपी झूंसी कुंजलता और एसओ झूंसी महेश मिश्र ने बताया कि पहली बार शास्त्री पुल से लेकर हाईवे के कांवड़ मार्ग की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी। ये ड्रोन कैमरे दिन-रात संचालित होंगे, जिसके लिए अलग-अलग पालियों में कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर शास्त्री पुल से लेकर अंदावा तिराहे तक पुलिसकर्मियों की कुल 21 टीम तैनात की जाएंगी।
आपातकालीन सेवाएं और यातायात प्रबंधन
ये 21 टीमें 24 घंटे कांवड़ मार्ग और कांवड़ियों की सुरक्षा का ध्यान रखेंगी। इन टीमों में दरोगा और कांस्टेबल के साथ महिला पुलिसकर्मियों को भी कुछ खास स्थानों पर तैनात किया जाएगा। एसओ झूंसी ने बताया कि पुलिस टीम के साथ ही शास्त्री पुल के दोनों छोर पर दो क्रेन भी 24 घंटे खड़े रहेंगे। यह व्यवस्था अचानक पुल पर किसी चार पहिया वाहन के खराब होने पर उसे तत्काल हटाने और यातायात संचालन को सुचारू रखने के लिए की गई है। इसके साथ ही दमकल की गाड़ी भी 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।